राजस्थान की गहलोत सरकार ने कोरोना काल में असिस्टेंट हेल्थ वर्करों को संविदा पर नियुक्त किया था और उन्हें आगे चलकर स्थाई करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब उन्हें स्थाई करने के स्थान पर निकालने की योजना बना रही है।
राजस्थान में असिस्टेंट हेल्थ वर्करों के धरना प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनके समर्थकों को जयपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अलीगढ़ के अंबेडकर पार्क में धरना प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम एसीएम को ज्ञापन सौंपा है, एसीएम ने उचित माध्यम से ज्ञापन को राष्ट्रपति तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
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राजस्थान की गहलोत सरकार ने कोरोना काल में असिस्टेंट हेल्थ वर्करों को संविदा पर नियुक्त किया था और उन्हें आगे चलकर स्थाई करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब उन्हें स्थाई करने के स्थान पर निकालने की योजना बना रही है। इसके चलते राजस्थान के असिस्टेंट हेल्थ वर्करों का एक प्रतिनिधिमंडल आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद से मिला और उनको अपनी व्यथा सुनाई।
दो जुलाई को आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ जयपुर में असिस्टेंट हेल्थ वर्करों के धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गए थे। जयपुर पुलिस ने होटल से ही चंद्रशेखर आजाद और उनके समर्थकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि चंद्रशेखर आजाद और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी असंवैधानिक तरीके से की गई है। हमारी मांग है की चंद्रशेखर आजाद और उनके समर्थकों को शीघ्र ही रिहा करने के साथ राजस्थान सरकार कोरोना काल में नियुक्त किए गए असिस्टेंट हेल्थ वर्करों को स्थाई नौकरी दे।
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एसीएम ने कहा कि आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की राजस्थान में गिरफ्तारी के विरोध और राजस्थान सरकार द्वारा कोरोना काल में नियुक्त किए गए असिस्टेंट हेल्थ वर्करों को स्थाई करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन को उचित माध्यम से राष्ट्रपति तक पहुंचा दिया जाएगा।