परीक्षा के बाद भवन निर्माण श्रमिकों के बच्चों में खासी जोश दिखाई दिया। बातचीत के दौरान किसी ने डीएम तो किसी ने पॉयलट व इंजीनियर बनने की इच्छा जताई। गांव देहातों से आए तमाम बच्चे परीक्षा देने के बाद अपने अभिभावकों के साथ परीक्षा केंद्र की मुख्य इमारत के बाहर सेल्फी लेते नजर आए। पहली बार ओएमआर शीट पर परीक्षा देकर विद्यार्थी काफी खुश नजर आए। परीक्षा का यह तरीका सभी विद्यार्थियों को पसंद आया। परीक्षा देने के विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। भविष्य की अपनी तैयारियों के बारे में भी बताया। उनमें अटल आवासीय विद्यालय पढ़ने की ललक भी दिखाई दी।
बातचीत
पहली बार ओएमआर शीट की परीक्षा दी है, पेपर काफी सरल आया था। अच्छा लगा कि नए तरीके से पेपर दिया है। मेरा पेपर बहुत अच्छा हुआ है, सभी प्रश्रों के उत्तर दिए हैं।-छवि सोनी, निवासी सुमतगढ़ी।
पेपर में जो सवाल आए थे, उनमें से कुछ तो बहुत ही कठिन थे। कुछ बहुत सरल थे। मैंने सभी के उत्तर दिए हैं, पेपर अच्छा हुआ है। मुझे बड़ा अच्छा लगा ये वाला पेपर देकर।-सुमित कुमार, निवासी भकरोई।
मेरा पेपर अच्छा हुआ है, पहली बार ओएमआर शीट पर पेपर दिया है। सारे पेपर ऐसे ही होने चाहिए। चार में से एक तो सही होगा ही, काफी आसान था पेपर।-अनामिका, निवासी गांव पुसैनी।
मुझे डीएम बनना है, इसलिए मैं यह पेपर देने आया हूं। मैंने सभी प्रश्नों के उत्तर दिए हैं। सभी प्रश्र सही हुए हैं। मेरी इच्छा है कि मैं समाज के लिए कुछ अच्छा काम करुं।-रोहित कुमार, निवासी गांव दयालपुर।
मैंने पहले भी ओएमआर शीट पर पेपर दिया है। इस तरह पेपर देना आसान होता है। मेरी इच्छा है कि मैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनूं, अपने परिवार व देश के लिए कुछ कर सकूं।-दीक्षा, निवासी नाई का नगला।
मैं पॉयलट बनना चाहती हूं। घर के लोग कहते हैं कि इस स्कूल से पढ़ाई करने पर आगे अच्छे अवसर मिल सकते हैं। इसलिए आज पूरी तैयारी कर पेपर दिया है।-राधिका, निवासी गांव हड़ौली।