खुद केन लेकर डॉक्टर के घर जाती देखी गई महिला
महिला द्वारा लगाए गए आरोप के अनुसार खबर पर यहां पहुंचे उसके पिता भूपालगढ़ी ढोलना कासगंज निवासी हरद्वारी सिंह ने डॉक्टर पर साजिश रचने व उसकी पत्नी पर हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया। हालांकि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। मगर जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर घटना आत्महत्या की ओर बढ़ रही थी। एक सीसीटीवी में घटना से कुछ देर पहले हाथ में केन लिए महिला डॉक्टर के घर की ओर जाते कैद पाई गई। उसी दिशा में पुलिस जांच कर रही थी।
सोमवार सुबह हो गई थी मौत
इधर, 80 फीसदी जली महिला ने उपचार के दौरान सोमवार सुबह दम तोड़ दिया। इस बीच जैसे ही खबर पर मायके वाले पहुंचे और पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। वे डॉक्टर व उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की जिद पर अड़ गए। किसी तरह सीओ तृतीय व इंस्पेक्टर क्वार्सी परिवार को समझाकर शव को पोस्टमार्टम हाउस तक लेकर आए। यहां परिवार की मांग पर वीडियोग्राफी के बीच तीन डॉक्टरों के पैनल की मदद से पोस्टमार्टम कराया गया।
हंगामा कर अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े
इसके बाद फिर शव पोस्टमार्टम केंद्र के बाहर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। कहने लगे कि उनके जेल जाने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस पर सीओ व इंस्पेक्टर ने समझाते हुए उन्हें वीडियो दिखाया कि डॉक्टर को जेल भेज दिया गया है। तब जाकर परिवार शांत हुआ और शव को अपने साथ कासगंज ले गए। सीओ श्वेताभ पांडेय के अनुसार अब तक की जांच में ये आत्महत्या का मामला समझ में आया है। डॉक्टर इसके लिए जिम्मेदार है। इसीलिए आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा में डॉक्टर को जेल भेजा गया है।
पति नहीं आया सामने, परिवार के खिलाफ थी आशा
सीओ के अनुसार पुलिस जांच में अब तक साफ हुआ है कि महिला व नगर स्वास्थ्य अधिकारी के बीच दोस्ती से महिला का पति बेहद खफा था। इसी वजह से वह अलग रहता है और खबर मिलने व पुलिस के बुलाने के बाद भी अभी तक यहां मिलने नहीं आया। मौत की खबर पर भी नहीं पहुंचा है। मायके में भी भाई उसके विरोध में थे। ये बात खुद पिता ने पुलिस को पहले ही दिन बताई थी कि पिछले दिनों डॉक्टर के कहने पर महिला ने अपने परिवार के खिलाफ पुलिस को तहरीर तक दे दी थी। पुलिस उस तहरीर को जांच का हिस्सा बनाने जा रही है।