आशा दीदी और संगिनी अब गांव-गांव प्रदूषण की रोकथाम भी करेंगी। गांव में जहां पर भी एक्यूआई का स्तर 200 के ऊपर मिलेगा, वहां पर प्रदूषण का कारण का पता लगाएंगी। ऐसी चीजों को न जलाने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगी।
इसके लिए शुक्रवार को चंडौस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ता और संगिनी का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. कुलदीप राजपुरी ने बताया कि सभी आशा और संगिनी के मोबाइल में एक एप लोड कराया गया है। इससे गांव में वायु प्रदूषण बढ़ने पर उन्हें तत्काल पता लग जाएगा।
यदि एक्यूआई का स्तर 200 के ऊपर जाता है तो आशा कार्यकर्ता व संगिनी इसकी खोज करेंगी, किस वजह से प्रदूषण बढ़ा। इसके रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करेंगी। एक रिपोर्ट भी तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपेंगी। ग्राम प्रधान के सहयोग से पुआल, टायर आदि जलाने से रोकने का काम करेंगी। शुक्रवार को चंडौस का एक्यूआई स्तर करीब 280 रहा। सुशील कुमार, ममता देवी, आरती, राजेश, पवित्रा आदि प्रशिक्षण में मौजूद रहीं।