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अलीगढ़: असदुद्दीन ओवैसी बोले- अपने आप को चमकाने नहीं, आपको एक करने आया हूं, तभी कर पाएंगे सियासत

Sun, 14 Nov 2021 04:54 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़

सार

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि नोटबंदी और लॉकडाउन ने अलीगढ़ के कारोबार को बर्बाद कर दिया। अमित शाह को मुसलमानों का नाम लिए बिना नींद नहीं आती है। आजम खां को याद करते हैं अमित शाह तो कासगंज के अल्ताफ को क्यों याद नहीं कर रहे। 
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सभा को संबोधित करते असदुद्दीन ओवैसी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में हमको अपने सियासी कयादत बनाना है अगर हम एकत्रित नहीं होंगे तो हम अपनी सियासत नहीं कर पाएंगे। भाजपा की सरकार में मुसलमानों के विरुद्ध सीएए लाकर कुठाराघात किया है। मैं उत्तर प्रदेश में इसलिए नहीं आया हूं कि मुझे अपना कोई पर चलाना है या अपने को कोई चमकाना है मैं आप सबको एक करने आया हूं, जब एक हो जाएंगे तभी अपनी सियासत कर पाएंगे। 

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हमारा मकसद क्या है? आज उत्तर प्रदेश में मुसलमान सबसे पिछड़ा क्यों है? कमजोर क्यों है? जुल्म क्यों हो रहे हैं? इसका एक ही जवाब मिलता है आपकी सियासी पार्टी नहीं है। मुलायम सिंह यादव को एक करके समाजवादी पार्टी मेरी आपसे दरख्वास्त है कि आप अपनी पार्टी बनाओ। ऐसी पार्टी बनाइए जैसे चौधरी चरण सिंह ने जाटों को एक कर अपनी पार्टी बना कर परचम लहराया था। तो हम क्यों नहीं हो सकते हैं? अब नहीं हो सकता तो कभी नहीं हो सकता।

मुसलमानों ने अपना मत देकर सरकार बनाई
ब्राह्मण ठाकुर बस्तियों को एकत्रित करके भाजपा बनाई है। आपने विभिन्न पार्टियों को अपना मत देकर उनकी सरकार बनाई है। लेकिन आज तक उन्होंने आपलोग सेट किए गए वादे और आपके बुद्धि के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया, इसको आप खुद सोच कर देखो। आरएसएस की शपथ है कि वह हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं। एआईएमआईएम अगर उत्तर प्रदेश में आएगी तो विभिन्न पार्टियों में खलबली मच गई है, क्योंकि उनके गुणा गणित बिगड़ जाएंगे। 
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प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से पूछना चाहता हूं कि 1947 में आजाद हुआ था कि 2014 में
मैं आपको अपने वोट की कीमत और अहमियत की बात कर रहा हूं। 1980 से पहले कोई हिंदुत्व की बात नहीं थी। 1980 के बाद सावरकर की किताब के आधार पर हिंदुत्व की बात आई। इन बातों को रखते हैं हमारे से तल्खी शुरू हो जाती है। मैं इंडियन नेशनलिज्म को मानता हूं तो उन्हें पद्मश्री मिला है। अगर हम इस बात को कह देते तो यूएपीए लग जाता, मार-मार कर बेहाल कर दिया जाता। एक मोहतरमा ने कहा कि 2014 में सही मायने में देश आजाद हुआ है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से पूछना चाहता हूं कि 1947 में आजाद हुआ था कि 2014 में। 

अमित शाह को मुसलमानों का नाम लिए बिना नींद नहीं आती
नोटबंदी और लॉकडाउन ने अलीगढ़ के कारोबार को बर्बाद कर दिया। अमित शाह को मुसलमानों का नाम लिए बिना नींद नहीं आती है। आजम खां को याद करते हैं अमित शाह तो कासगंज के अल्ताफ को क्यों याद नहीं कर रहे। पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। अगर वह हिंदू होते तो तुरंत योगी आदित्यनाथ भी पहुंच जाते। इसलिए कुछ नहीं हुआ। उन पर हत्या का मुकदमा होना चाहिए। मुकदमा लिखा गया होता तो अज्ञात पुलिसकर्मी अल्ताफ की हत्या कर दी। बाबा उत्तर प्रदेश में क्या सरकार चला रहे हो।

मुसलमानों के वोट की कोई कीमत नहीं
मैं भारत के संविधान के लोकतंत्र को मानता हूं। दुनिया में जुल्म हमेशा मिटा है। मैं सियासी लोकतंत्र को अपने जूती की नोक पर भी नहीं रखता हूं। अगर कीमत होती तो अमित शाह मुसलमानों पर टिप्पणी नहीं करते। मुसलमानों के वोट की कोई कीमत नहीं है। आजम खान जेल में नहीं होते। मैं बहुत नारे सुन चुका हूं, इन नारों को वोट में तब्दील करें। 

अलीगढ़ प्रशासन का दिया धन्यवाद
ओवैसी ने सभा की परमिशन के लिए अलीगढ़ प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जालिम नहीं चाहते थे आज जलसा हो, लेकिन हम कामयाब हुए। सियासी ताकत होगी तभी मसले हल होंगे। नहीं कहता कि तेलंगाना में सब मसले हल हो गए होंगे। एआईएमआईएम के सात विधायक थे हमने सीएए के विरुद्ध प्रस्ताव विधानसभा में पास कराया। जब तक मुसलमान अपनी सियासी लीडरशिप नहीं बनाएंगे तब तक कुछ नहीं हो सकता।

मुसलमानों को पहले लीडरशिप बनानी होगी
आंध्र प्रदेश में मजलिस ने मेडिकल कॉलेज, स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर, बीबीए और अस्पताल बनाए। जहां सबसे कम पैसों में डिलीवरी होती है। कोविड की दूसरी लहर में सबसे कम खर्चे में इलाज कर रहे थे। यूपी इसलिए नहीं आया कि मेरी इज्जत और बढ़े। हमारा मकसद ये है कि यूपी में मुस्लिम कमज़ोर क्यों है? जब तक मैं जिंदा रहूंगा तब तक यूपी के साथ-साथ देश के हर हिस्से में जाऊंगा। चरण सिंह ने जाटों के लिए, मुलायम ने यादवों के लिए, मायावती ने जाटवों के लिए, जो लीडरशिप बनाई है ऐसी लीडरशिप बनाइए। 

ईमान को बेचने नहीं, ईमान को मजबूत करने आया हूं
आपने 75 साल इंतजार किया है। जब ये लोग अपने समाज की पार्टी बना सकते हैं, तो हम मुसलमान क्यों नहीं बना सकते। आपकी सियासी कयादत नहीं है, इसलिए ये सब आपके साथ होता है। कभी वादा किया गया कि मस्जिदों की हिफाजत की जाएगी। मुसलमानों को बचाया जाएगा, इन सब मसलों पर कोई बात नहीं करता है। ईमान को बेचने की नहीं, ईमान को मजबूत करने की बात करता हूं। जिसने आपको अपना नेता बनाया उसने आपके लिए क्या किया सोचिये। 

 
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आरएसएस बताएं जो कसम खाते हैं
मैं लोकतंत्र को मजबूत करने की बात करता हूं। संघ ने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच बनाया। मजलिस के मुखालिफ संघ के लोग हैं। मुसलमानों को लेकर सावरकर ने कहा कि ये लोग भारत को अपना देश नहीं मानते हैं। आरएसएस ने कहा था कि हम आम्बेडकर के कानून को नहीं मानते। जब हम ये बातें करते हैं तो हम पर इल्जामों की बौछार हो जाती है। 1980 के जमाने में सावरकर की किताब को लेकर हिंदुत्व शब्द बढ़ाया गया। आरएसएस से पूछना चाहता हूं कि वो कसम बताएं जो वो खाते हैं। 2014 में नरेंद्र मोदी ने हिन्दू नेशनलिज्म की बात की थी, संघ के लोग मुल्क को हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते हैं।

मेरी बात नहीं पसंद आएगी तो हमें जेल में डाल देंगे
कंगना को लेकर कहा कि एक मोहतरमा कहती हैं कि देश की आजादी 2014 में मिली। ये बात कोई मुसलमान कहता तो अभी ताल यीएपीए लगा दिया जाता। देशद्रोह सिर्फ मुसलमान के लिए है। वो क्वीन है आप किंग है। तुम्हें मेरी बात नहीं पसंद आएगी तो हमें जेल में डाल देंगे या गोली मार देंगे। पाकिस्तान से मैच को लेकर किसी ने कुछ लिख दिया तो बाबा ने कहा कि गद्दारी लगा दी जाएगी। ये सब कुछ संविधान के खिलाफ है। 

आजम खान अपराधी नहीं
अमित शाह को बगैर मुसलमानों का नाम लिए बिना नींद नहीं आती है। शिबली का नाम आजमगढ़ में लेना था। लेकिन ये लोग जिन्ना को ज़्यादा जानते हैं। जिन्ना के बारे में क्या बोलना है हमारा कोई ताल्लुक नहीं है। उन्होंने कहा कि आजम खान को हम अपराधी नहीं मानते हैं। अमित शाह हैदराबाद आये थे, लेकिन इनको कैफी आजमी नहीं मुख़्तार याद आया। 
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