राज्य सरकार ने लॉकडाउन के कारण खराब हुई खजाने की हालत को देखते हुए कड़े फैसले लेने का सिलसिला जारी रखा है। पहले ही कर्मचारियों के भत्तों पर रोक है। अब उनका एरियर, जमीन लोन और वृहद निर्माण लोन भी रोक दिया गया है, जिससे कर्मचारियों को एक बड़ा झटका लगा है। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव वित्त विभाग वित्त आयुक्त संजीव मित्तल ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।
मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि इस आदेश को अमल में लाया जाएगा। सभी जिलाधिकारियों, कोषाधिकारियों व विभागाध्यक्षों को इस आदेश से अवगत कराया जा रहा है, जिससे आदेश को अमल में लाया जा सके। ये भुगतान सरकार के अग्रिम आदेशों तक नहीं होेंगे। आगामी 30 सितंबर के बाद जब नये आदेश आ जाएंगे तो उसी क्रम में नये निर्देश लागू किए जाएंगे। गौर हो कि इससे पहले प्रदेश सरकार ने महंगाई भत्ता, यात्रा किराया भत्ता, वर्दी भत्ता, खाने पीने का भत्ता आदि का भुगतान बंद कर दिया है, जिसका कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। इसके विरोध में प्रदर्शन भी किया है।
कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी ने कहा है कि पूर्व में बंद किये भत्तों से ही कर्मचारियों को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है, उस पर नये फरमान से और नुकसान होगा। आर्थिक रूप से कर्मचारी पिछड़ते जाएंगे। प्रदेश सरकार को इस संबंध में जल्द ही फैसला करना चाहिए। हर बार कर्मियों का भुगतान रोका जाना उचित नहीं है। प्रदेश सरकार ने अपने खजाने का बोझ कम करने के लिए उक्त फैसला लागू तो कर दिया है, लेकिन इसका पुरजोर विरोध होना भी तय है।