विकास प्राधिकरण में बदलाव की बयार बहने वाली है। जल्द ही एक नया ऐप व साफ्टवेयर सामने आने वाला है जिससे सेकेंडों में पता चल सकेगा कि विकास प्राधिकरण की संपत्ति का क्या स्टेटस है। यह ऐप व वेबसाइट जनवरी माह के अंत तक अस्तित्व में आने की संभावना है। ई डिस्ट्रिक्ट टीम ने इस पर काम शुरू कर दिया है।
उपाध्यक्ष पद का भार संभालते ही डीएम एवं विप्रा उपाध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह ने प्राधिकरण की व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने का काम शुरू करा दिया है। एक ऐसी वेबसाइट एवं ऐप तैयार किया जा रहा है, जिस पर एक क्लिक मारते ही प्राधिकरण की सभी संपत्तियों का ब्यौरा सामने आ जाएगा।
ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मनोज राजपूत ने बताया कि इस ऐप में विकास प्राधिकरण की संपत्तियाें के साथ कितने फ्लैट उपलब्ध हैं। कितने खाली पड़े हैं, उनका साइज क्या है, लोकेशन क्या है, कितने मंजिल का है, कितनी जमीन है आदि सूचनाएं एक क्लिक में सामने आ जाएंगी।
आनलाइन ही जमा होगी फीस व किश्तें
नई व्यवस्था के बाद विकास प्राधिकरण से लेन देन आनलाइन ही होगा। मसलन यदि आप कोई फ्लैट लेते हैं तो उसकी रजिस्ट्रेशन फीस से लेकर किश्तें आदि भी आनलाइन ही जमा होगी। हालांकि आफ लाइन भी एक विकल्प के तौर पर होगा। नक्शे भी आनलाइन पास होंगे और उनकी फीस भी।
नई वेबसाइट एवं ऐप के लिए प्राधिकरण से संपत्तियों का ब्यौरा मांगा गया है। इसे तैयार कराया जा रहा है। यह ऐप संभवत: जनवरी के अंत तक तैयार हो जाएगा। इसके बाद फीस जमा कराने, नक्शे पास कराने एवं किश्तें जमा होने के साथ सभी काम आन लाइन हो जाएंगे।
डीएस भदौरिया, सचिव एडीए