अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत रविवार को कावेरी एन्क्लेव फेस-2 में महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाये गए। इस दौरान शरीर के कमजोर और मजबूत अंगों को समझाते हुए ताइक्वांडो प्रशिक्षक असरार अहमद ने कहा कि अगर आत्मरक्षा के गुर अगर सभी अपने जहन में बैठा लेंगी तो यह जीवन में बहुत काम आएंगे।
मो. अमहद ने कहा कि मन में विश्वास हो और दिमाग में आत्मरक्षा का फार्मूला व्यवस्थित हो तो हर स्थिति से निपटा जा सकता है। उन्होंने पर्स, चैन, मोबाइल छिनैती से बचने के उपाय भी बताए। साथ ही बच्चों को उठाने की स्थिति में अपने बचाव के लिए नीचे बैठकर कसकर पैर पकड़ने को कहा। कहा कि आरोपी उठाकर नहीं भाग पाएगा और बच्चों को इस समय जोर से शोर मचाना होगा। जिससे भीड़ आकर सहायता कर दे। इस मौके पर डॉ. मनीषा अग्रवाल, अदिति गुप्ता, अल्का गुप्ता, जयश्री चौहान, नीलम शर्मा, सीमा मीतल, तरुणा जिंदल, गीता गुप्ता, ज्योति अग्रवाल, लता अग्रवाल, अंकिता सिंह, सुधा, गरिमा गर्ग, गीता अग्रवाल, नव्या अग्रवाल, सुषमा, वंशिका गर्ग, गीता, आस्था सिंह आदि मौजूद रहे।
यह हैं सुविधाएं
कावेरी एन्क्लेव फेस-2 में 38 घरों की गेट बंद कालोनी है। दो पार्क, एक ओपन जिम है। गेट पर गार्ड, स्वीपर, माली की व्यवस्था है। हर घर के सामने पार्किंग की व्यवस्था की गई है। सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।
सामूहिक रूप से भी होते हैं आयोजन
दशहरा पर सोसाइटी की तरफ से भंडारा आयोजित किया जाता है। होली पर सभी लोग अपने घर से खाना बनाकर लाते हैं। एक साथ मिलकर होली खेलते हैं। ठंडाई, गोलगप्पे के साथ मिलकर सामूहिक भोज करते हैं। दीवाली पर मेले का आयोजन होता है। जिसमें कपड़े, ज्वैलरी, दीवाली डेकोरेशन, बच्चों के खिलोने के स्टॉल लगवाये जाते हैं। सुंदर कांड की किटी में सोसाइटी की महिलाएं हर महीने किसी एक घर में एक बार सुंदर कांड का पाठ करती हैं।
ज्योति के किटी गेम्स को मिलते हैं हजारों लाइक
कालोनी निवासी ज्योति अग्रवाल महिलाओं के किटी गेम्स की वीडियों यूट्यूब पर अपलोड करती हैं। 70 हजार से ऊपर उनके फॉलोवर हैं। इसके चलते हजारों की संख्या में उन्हें वीडियो पर लाइक भी मिलते हैं।
यह बोली महिलाएं
- कार्यक्रम से मनोबल बढ़ा है। महिलाओं के लिए कार्यक्रम आयोजित करने के लिए अमर उजाला को धन्यवाद।
- सुधा आहूजा।
- आत्मरक्षा गुर के कई सारी विधियां सीखी हैं। युवतियों के लिए यह कार्यक्रम काफी कारगर सिद्ध होगा।
- अदिति गुप्ता।
- अधिक से अधिक बच्चों और लड़कियों को इस कार्यक्रम से जोड़ना चाहिए। दोनों को सुरक्षा की बहुत जरूरत होती है।
- गीता अग्रवाल।
- कार्यक्रम से काफी कुछ सीखने को मिला है। बच्चे खुद भी अपनी सुरक्षा कर सकते हैं, ऐसा पहली बार पता चला है।
- गरिमा गुप्ता।