शनिवार को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ दुर्गेश कुमार की तहरीर पर एएनएम के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उनपर जन सामान्य की भावनाओं से खिलवाड़ करने, ड्यूटी में लापरवाही, सरकारी धन की क्षति व महामारी अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बीपी कल्याणी ने बताया कि जांच में सभी आरोप सही पाए गए हैं। मुख्य आरोपी एएनएम नेहा खान की संविदा समाप्त कर दी गई है। अन्य सभी स्टाफ को भी बदल दिया गया है। उन्हें दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है।
पीएचसी प्रभारी मूल तैनाती स्थल हरदुआगंज भेजी, दो वर्ष तक वेतन वृद्धि पर रोक
इस बहुचर्चित प्रकरण में पीएचसी जमालपुर प्रभारी व संविदा चिकित्सक डॉ आफरीन जेहरा को उनके मूल तैनाती स्थल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरदुआगंज भेज दिया गया है। उनपर मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को न देने का आरोप है। अन्य स्टाफ भी बदल गया है।
पीएचसी महफूज नगर में तैनात संविदा चिकित्सक डॉ उम्मे एमन को पीएचसी जमालपुर भेजा है। इनके अलावा जमालपुर के फार्मासिस्ट अरविंद कश्यप को पीएचसी जीवनगढ़, स्टाफ नर्स सोनम राजौरिया को पीएचसी महफ़ूज़नगर, स्टाफ नर्स महफ़ूज़नगर रेखा राजपूत को जमालपुर भेजा है। जमालपुर पीएचसी की एएनएम अन्नू को पीएचसी भुजपुरा भेजा है।
जमालपुर यूपीएचसी पर 29 कोविड वैक्सीन (कोवाक्सिन) से लोडेड सिरिंज कूड़ेदान में मिली थी। एएनएम द्वारा लाभार्थियों के हाथ में सुई तो चुभोई जाती थी, लेकिन शरीर के अंदर वैक्सीन की डोज नहीं पहुंचाई जा रही थी। सुई चुभोने के बाद लोडेड सिरिंज कूड़ेदान में फेंक देती थी। यही नहीं लाभार्थियों का नाम कोविन पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। केंद्र पर 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को टीका लग रहा था।