अलीगढ़ जिले के लोधा थाना इलाके के करसुआ गांव के जिस देशी शराब के ठेके से जहरीली शराब की बिक्री हुई। उसके संबंध में आठ माह पहले एक शिकायत हुई थी। शिकायत गांव के एक व्यक्ति ने की थी, जो कि खुद के इनकम टैक्स विभाग में होने का दावा करता है। उनका आरोप है कि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
करसुवा गांव के अमित उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि वह इनकम टैक्स विभाग में हैं। मुंबई में तैनात हैं। ठेका गांव से 400 मीटर दूर है। गांव की महिलाओं, बच्चों को काफी परेशानी होती है। गांव के बच्चे भी शराब पीने लगे थे। इस मामले में उसने यूपी सरकार के आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की, जो जांच व कार्रवाई के लिए शासन से जिलाधिकारी को भेजी गई। मगर इस मामले में आज तक की कार्रवाई कार्रवाई नहीं हुई।
जहरीली शराब से दो और मौतें, शराब माफिया ऋषि का भाई मुनीष गिरफ्तार
अलीगढ़ जिले में जहरीली शराब से पांचवें दिन मंगलवार को दो और मौत हुई हैं। इस तरह अब तक जिले में 87 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हुई हैं। वहीं, अब इतनी मौतों के बाद जिला प्रशासन को ठेकों से जहरीली शराब समेटने की सुध आई है। तय किया गया है कि देशी शराब के सभी ठेकों का माल वापस आबकारी में सरेंडर कराया जाएगा।
इसके बाद नया माल जारी कर शराब बिकवाई जाएगी। साथ ही करसुआ में जहरीली शराब बेचने वाले ठेके को मंगलवार को जेसीबी से गिरवा दिया गया। पुलिस ने शराब तस्कर गिरोह के 50 हजार के इनामी सरगना भाजपा नेता ऋषि शर्मा के भाई मुनीष शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। मुनीष शर्मा 25 हजार का इनामी है।