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महिला अधिवक्ता की अपहरण के बाद हत्या: कासंगज की घटना से अधिवक्ताओं में उबाल, प्रदर्शन, पुलिस को दिखाई चूडि़यां

Thu, 05 Sep 2024 09:17 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

कासगंज में महिला अधिवक्ता की अपहरण के बाद हत्या की खबर सुबह जैसे ही अधिवक्ताओं को मिली सभी बार सभागार में एकत्रित हो गए। नारेबाजी करते हुए अधिवक्ता दीवानी गेट के बाहर मुरादाबाद एनएच पर आकर बैठ गए। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पुलिस को चूडि़यां दिखाई। इस दौरान कठपुला व तस्वीर महल से पुलिस ने दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी।
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दीवानी कचहरी के बाहर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन करते अधिवक्ता - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कासगंज में महिला अधिवक्ता की अपहरण के बाद हत्या से अलीगढ़ के अधिवक्ताओं में भी उबाल है। 5 सितंबर की सुबह दीवानी खुलते ही अधिवक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। दीवानी गेट के सामने मुरादाबाद एनएच पर जाम कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस को चूडि़यां भी दिखाई। अधिवक्ताओं ने दो घंटे तक पुलिस प्रशासन के विरोध में जबरदस्त नारेबाजी करते हुए घटना की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की। उसके बाद एडीएम सिटी को सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। तब धरना खत्म कर वापस गए। बाद में दिन भर अधिवक्ता हड़ताल पर रहे।

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कासगंज में महिला अधिवक्ता की अपहरण के बाद हत्या की खबर सुबह जैसे ही अधिवक्ताओं को मिली सभी बार सभागार में एकत्रित हो गए। यहां दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ठाकुर दिनेश सिंह की अध्यक्षता व महासचिव विनोद रावत के संचालन में बैठक हुई। जिसमें इस घटना के विरोध में हड़ताल का ऐलान किया गया। हड़ताल का प्रस्ताव जिला जज सहित सभी न्यायालयों में भेजा गया। फिर दीवानी परिसर में जुलूस निकाला। 
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 नारेबाजी करते हुए अधिवक्ता दीवानी गेट के बाहर मुरादाबाद एनएच पर आकर बैठ गए। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पुलिस को चूडि़यां दिखाई। इस दौरान कठपुला व तस्वीर महल से पुलिस ने दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। डेढ़ बजे करीब एडीएम सिटी ने पहुंचकर सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन लिया और उन्हें उचित पटल पर भिजवाने का भरोसा दिया। तब जाकर अधिवक्ता धरने से हटे और जाम खुला। मौके पर अधिवक्ता गोपाल सिंह राना, दिनेश शर्मा, संजय पाठक, उमेश पाठक, बिट्टू पाठक, प्रवीन नाथ शर्मा, अजय सिंह, आशीष मोहन यादव, नीरज चौहान समेत दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे। 

इस घटना को जल्द से जल्द खोला जाए। साथ में परिवार को पचास लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। मुकदमे की जांच सीबीआई को भेजी जाए। - योगेश सारस्वत, पूर्व उपसचिव बार
सरकार को एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए इसकी सीबीआई जांच करानी चाहिए। मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। -अनूप कौशिक, पूर्व सचिव

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