मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे बंदरों का झुंड एक मकान की छत पर पहुंच गया। छत पर खेल रहे पांच साल के मासूम को बंदरों ने घुड़की दी तो वह घबराकर भागा, जिससे छत से नीचे सड़क पर गिर गया। इससे मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद उसे जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
आंबेडकर चौक निवासी अनिल कुमार के अनुसार मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे उनकी पत्नी घर पर काम कर रही थीं। पांच साल का पुत्र विकास अकेले ही छत पर खेलने के लिए चला गया। इसी दौरान छत पर बंदर आ गए। बंदरों ने विकास को देखकर घुड़की दी तो वह चिल्लाते हुए भागा। इसी में छत के एक ओर से सीधे नीचे गली में जा गिरा। नीचे सीसी सड़क थी।
उसके गिरते ही दौड़कर लोगों ने उठाया। आवाज सुनकर परिजन भी भागकर पहुंचे। विकास के सिर और नाक से खून निकल रहा था। इस पर उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। देर शाम तक उसके सिर का सीटी स्कैन नहीं हुआ था।
रोजाना 10 से 15 लोगों को काट रहे बंदर
गभाना। कस्बे सहित क्षेत्र में बंदरों ने उत्पात मचा रखा है। सड़कों पर आते-जाते बंदर लोगों पर हमला कर काट रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्ट के अनुसार रोजाना लगभग 50 लोग एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने आ रहे हैं। इनमें 10 से 15 लोग बंदर के काटने या हमला कर पंजे से नोचने के होते हैं।