अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में के गुलिस्तान-ए-सयैद में 17 अक्तूबर को सर सैयद डे का आयोजन होना है। एएमयू के शिक्षक संघ अमूटा यानी एएमयू टीचर्स एसोसिएशन ने पहली बार विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किए जाने वाले सर सयैद डे का बहिष्कार कर दिया है। अमूटा पदाधिकारी व सदस्य शिक्षक गुलिस्तान-ए-सयैद में नहीं जाएंगे।
एएमयू में 17 अक्तूबर को सर सयैद डे का आयोजन है, पर यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार एएमयू टीचर्स एसोसिएशन यानी अमूटा शिरकत नहीं करेगा। अमूटा ने सर सयैद डे का बहिष्कार किया है और अलग से पैरलल सर सैयद डे मनाने की घोषणा कर दी है। साथ ही छात्रों ने भी अलग से सर सैयद डे आयोजन की घोषणा की है।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में के गुलिस्तान-ए-सयैद में 17 अक्तूबर को सर सैयद डे का आयोजन होना है। एएमयू के शिक्षक संघ अमूटा यानी एएमयू टीचर्स एसोसिएशन ने पहली बार विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किए जाने वाले सर सयैद डे का बहिष्कार कर दिया है। अमूटा पदाधिकारी व सदस्य शिक्षक गुलिस्तान-ए-सयैद में नहीं जाएंगे। अमूटा अलग से बाब-ए-सयैद पर सर सैयद डे मनाएगा। वहीं छात्रों ने भी अलग से बाब-ए-सयैद पर सर सैयद दिवस मनाने की बात कही है।
अमूटा के अध्यक्ष प्रो खालिद ने कहा कि हम उस प्रोग्राम में शिरकत नहीं करेंगे, जहां कार्यवाहक वीसी मौजदू रहेंगे। हमारी मुखालफत केवल उनसे है, उनके रवैए से है। जो वह वाइलेंस इफेक्ट कर रहे हैं और उन्होंने जो पैनल न बनाने की हठधर्मी बना रखी है, हम उसके खिलाफ हैं। अमूटा सर सैयद डे के कार्यक्रम को बायकॉट करेंगे। हमने शिक्षकों को कहा है कि वे वहां न जाएं, जहां कार्यवाहक वीसी जाएं। बाब-ए-सयैद पर जहां स्टूडेंट्स सर सयैद डे मना रहे हैं, वहां पर ही शिक्षकों को आकर पैरलल सर सयैद डे में शामिल होने के लिए कहा गया है।
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छात्र नेता सलमान गौरी ने कहा कि छात्र गुलिस्तान-ए-सयैद में मनने वाले सर सैयद डे में न जाएं। बाब-ए-सयैद पर अलग से मनाए जा रहे सर सयैद डे पर ही जाकर मनाएं। कार्यक्रम एएमयू एक्ट को बचाना है। यदि एएमयू एक्ट नहीं बचेगा, तो विवि कोर्ट के मेंबर, ईसी, सब खत्म हो जाएगा, फिर विवि से वीसी नहीं लाया जा सकेगा। एएमयू एक्ट 30 लाख देकर खरीदा था, वह बर्बाद नहीं होना चाहिए। उसको बचाना विवि और हमारा भी कर्तव्य है।