अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) का चुनाव इतिहास रचने से पहले ही टाल दिया गया। विवि के इतिहास में पहली बार महिला प्रोफेसर को अध्यक्ष और कार्यकारिणी में दो हिंदू प्रोफेसर को निर्विरोध चुनने की प्रक्रिया पूरी हो गई थी। सचिव और संयुक्त सचिव के पदों के लिए बृहस्पतिवार को चुनाव होने थे, लेकिन बुधवार को ही चुनाव प्रक्रिया 10 अक्तूबर तक के लिए टाल दी गई। चुनाव टालने के बारे में कुलपति तारिक मंसूर का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया सांविधानिक तरीके से नहीं अपनाई जा रही थी। इस घटनाक्रम से दो दिन पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी मुजाहिद बेग ने डीन छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) पद से इस्तीफा देने के साथ - साथ सुरक्षा और गाड़ी लौटा दी थी। उनके इस्तीफे को कुलपति ने बुधवार को मंजूर कर लिया है।
चुनाव टालने के संबंध में विवि प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा है कि मतदाता सूची प्रदर्शित नहीं की गई थी। इसी कारण चुनाव प्रक्रिया टाल दी गई है। कुलपति ने इस बाबत चार सदस्यीय कमेटी गठित की है, जो चुनाव सांविधानिक प्रक्रिया से कराने के लिए रोडमैप तैयार करके उन्हें रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी में डॉ. मोहम्मद शाहिद, प्रोफेसर अब्दुस सलाम, प्रोफेसर मोहम्मद रिजवान खान व प्रोफेसर आफताब आलम शामिल हैं। जोकि पूर्व में एसोसिएशन के सचिव रह चुके हैं। वहीं दूसरी 21 मार्च 2021 को अमुटा की एग्जीक्यूटिव कमेटी ने डीन छात्र कल्याण प्रोफेसर मुजाहिद बेग को मुख्य चुनाव अधिकारी नामित किया था। इनका कहना है कि वह अमुटा के सचिव से कई बार चुनाव के लिए अनुरोध किया लेकिन वह टालते रहे। अब आकर सांवधानिक प्रक्रिया के तहत तीन सितंबर से लेकर 15 सितंबर तक चुनाव प्रक्त्रिस्या निर्धारित की थी। 12 सितंबर को नामांकन किया गया और उसमें अध्यक्ष पद पर प्रोफेसर चांदनी बी को निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया, क्योंकि उन्होंने ही नामांकन किया था, जबकि 10 लोग एग्जीक्यूटिव सदस्य चुने गए थे। इनमें पहली बार दो हिंदू शिक्षक डॉ. पंकज प्रकाश व योगेश कुमार यादव शामिल हैं। सचिव और संयुक्त सचिव पद पर 15 सितंबर को चुनाव होना था।
मुख्य चुनाव अधिकारी का आरोप है कि पिछले सप्ताह कुलपति ने कहा था कि वह दो पद नहीं रख सकते। इसलिए मुख्य चुनाव अधिकारी निर्वाचन अधिकारी पद छोड़ दें। लेकिन उनके कहने से मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद के स्थान पर डीएसडब्ल्यू का पद छोड़ दिया था। उसी दिन इस पद पर मिलने वाली सुविधाएं भी वापस कर दीं, उसी के बाद अमुटा के चुनाव की प्रक्रिया अपनाई गई थी। उनका कहना है कि अमुटा के चुनाव में विवि प्रशासन का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। वहीं दूसरी ओर एएमयू के जनसंपर्क अधिकारी उमर पीरजादा ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया का अनुपालन न करने के चलते चुनाव स्थगित कर कर दिया गया है। संवैधानिक चुनाव प्रक्रिया को अपनाते हुए 10 अक्तूबर तक चुनाव होंगे।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन का चुनाव स्थगित होने की जानकारी मिली है। इस मामले में एसोसिएशन के सदस्यों और शिक्षक साथियों से विचार-विमर्श करने के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
-प्रो. चांदनी बी, नवनिर्वाचित अध्यक्ष, शिक्षक संघ, एएमयू
एएमयू एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है। कुलपति सांप्रदायिक हैं। शिक्षक संघ में पहली बार दो हिंदू के एग्जीक्यूटिव मेंबर बनने के बाद चुनाव को स्थगित कर दिया, जो उनके सांप्रदायिक होने का सुबूत है।
-डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी
एएमयू प्रशासन द्वारा शिक्षक संघ को अपने अधिकार क्षेत्र में लेना सांविधानिक नहीं है। विवि प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खट खटाना चाहिए।
-डॉ. जसीम मोहम्मद, पूर्व मीडिया सलाहकार एएमयू
शिक्षक संघ के चुनाव में सांविधानिक प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही थी, इसलिए चुनाव को स्थगित किया है न कि निरस्त। एमएलसी तथा अन्य के आरोप बेबुनियाद हैं, उनकी नजर में सभी शिक्षक एक समान हैं।
प्रोफेसर तारिक मंसूर कुलपति, एएमयू