एएमयू के पीआरओ रहे डॉ. राहत अबरार ने बताया कि वर्ष 2008 में नैनो टाटा कार बाजार में टाटा समूह ने उतारी थी। जिसे लखटकिया कहते थे। कार को आम आदमी तक पहुंचाने की उनकी सोच से विश्वविद्यालय प्रशासन काफी प्रभावित हुआ था। इसलिए उनको दीक्षांत समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था। मगर वह व्यस्तता के कारण आ नहीं पाए थे।
समारोह में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और अजीम प्रेमजी को डी.एससी (डॉक्क्टर ऑफ साइंस) मानद उपाधि प्रदान की गई थी। उधर, टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन को नवंबर 2021 में ऑनलाइन दीक्षांत समारोह में एएमयू ने आमंत्रित किया था, उन्हें मानद उपाधि भी प्रदान की गई थी।