भीकमपुर के नवाब मुजम्मिल उल्लाह खां ने 5 शेयर खरीदे थे, जबकि पुरदिलनगर के साहूकार लाला मटरुमल ने चार शेयर खरीदे थे। इंस्टीट्यूट गजट में शेयरधारक लाखनू के मान सिंह, पिसावा के रईस ठाकुर गोविंद सिंह, इगलास के रईस गंगाराम, ठाकुर खेरत सिंह, लाखनूं के कुंवर कुंदन सिंह, अलीगढ़ के डिप्टी कलेक्टर पंडित कामता प्रसाद ने भी शेयर खरीदे थे। डॉ. राहत ने बताया कि स्टॉक कंपनी की तरफ लोगों का रुझान बढ़ रहा था, तभी एमएओ कॉलेज के खजांची ने जुलाई 1895 में एक लाख पांच हजार रुपये का गबन कर लिया, जिस से सर सैयद को काफी सदमा पहुंचा। इसके बाद उनका यह सपना अधूरा ही रह गया।
17 अक्तूबर को मनाया जाता है सर सैयद डे
सर सैयद की जयंती 17 अक्तूबर को है, जिसे यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं पूरी दुनिया में सर सैयद डे के रूप में मनाएंगी।