हैदराबाद यूनिवर्सिटी में दलित शोध छात्र की आत्महत्या को लेकर विवादों में घिरी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी अलीगढ़ में मीडिया से भागती रहीं।
एएमयू को लेकर भी उन्होंने चुप्पी साध ली। बंद कमरे में जरूर एएमयू एवं वहां चल रही राजनीति पर गुफ्तगू की। यह संकेत दिए कि एएमयू पर उनकी पूरी नजर है और आने वाले समय में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
हिंदू गर्ल्स एजूकेशन सोसायटी के महासचिव एवं उद्योगपति हरि प्रकाश गुप्ता के आवास पर प्रबुद्ध लोगों के साथ बातचीत के दौरान वह सांसद सतीश गौतम एवं भाजपा ब्रज क्षेत्र के मीडिया प्रभारी डॉ. राजीव अग्रवाल से धीरे से बोलीं कि वह अलग से कुछ देर बात करना चाहती हैं।
उसके कुछ समय बाद सांसद सतीश गौतम, राजवीर सिंह राजू भैया एवं डॉ. राजीव अग्रवाल समेत कुछ अन्य नेता हरि प्रकाश गुप्ता के घर में गए और एएमयू के मसलों पर बातचीत की। हालांकि अंदर की बातचीत को जाहिर करने से नेता बच रहे है।
बातचीत के केंद्र में एएमयू का अल्पसंख्यक स्वरूप एवं दलित छात्र की आत्म हत्या के बाद उपजे हालात थे। इस दौरान उन्होंने संकेत दिए कि एएमयू पर उनकी पूरी नजर है और आने वाले समय में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। इस बातचीत में उन्होंने साफ कर दिया कि वे यहां मीडिया से बात नहीं करेंगी।
उनके जाने के बाद राजू भैया एवं एटा सांसद मीडिया से बात करेंगे। सांसद राजवीर सिंह राजू भैया ने कहा कि एएमयू कुलपति एवं सह कुलपति की नियुक्ति प्रकरण पर स्मृति ईरानी की नजर है। एक महीने में सब कुछ साफ हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि नवंबर 2014 में एएमयू छात्र संघ के अधिष्ठापन समारोह के दौरान उपाध्यक्ष मसूद उल हसन ने कुलपति जमीरउद्दीन शाह की मौजूदगी में स्मृति ईरानी पर विवादित बयान दिया कि एएमयू का चपरासी भी उनसे ज्यादा पढ़ा लिखा है। इसके बाद अलीगढ़ से लेकर दिल्ली तक की राजनीति गरमा गई थी।
भाजपा नेताओं ने छात्र संघ उपाध्यक्ष के खिलाफ क्वार्सी थाने में तहरीर भी दी थी। कुछ ही दिन बाद राजा महेंद्र प्रताप सिंह का जन्म दिवस मनाने को लेकर भी एएमयू एवं भाजपाई आमने- सामने आ गए थे। उसके बाद से ही एएमयू एवं केंद्रीय मंत्री के बीच के रिश्ते तल्ख हैं। एबीवीपी नेता भी एएमयू छात्रों के खिलाफ सड़क पर आ गए थे।