तहरीर के आधार पर सैयद कैफ हसन, करिश्मा अजीज, निखत अली, द मुस्लिम, वसीम अकरम त्यागी और फेसबुक यूजर नदीम सैफी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) के तहत केस दर्ज किया गया है।
आयुष मलिक के धर्म परिवर्तन और पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक सूचना प्रसारित करने के आरोप में शामली पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। आरोपियों में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के पूर्व छात्र सैयद कैफ हसन भी शामिल हैं।
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पुलिस के मुताबिक, 6 जून 2026 को देवराज मलिक ने शिकायत दी थी कि चांदनी कुरैशी और उसके परिजनों ने उनके पुत्र आयुष मलिक का धर्म परिवर्तन कराया है और परिवार पर भी धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है। शिकायत के आधार पर कोतवाली शामली में केस दर्ज कर चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया गया था। दोनों को 24 जुलाई को जिला एवं सत्र न्यायालय, कैराना से जमानत मिल गई थी।
इसके बाद आयुष मलिक के मित्र के रूप में सुल्तान कारी ने 9 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आयुष को अदालत के समक्ष पेश कर उसके बयान दर्ज कराने और उसे स्वतंत्र रूप से रहने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। पुलिस के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में 16 सितंबर को आयुष मलिक को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयुष को उसकी इच्छा के अनुसार कहीं भी आने-जाने और रहने की स्वतंत्रता प्रदान की।
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पुलिस का आरोप है कि इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर अदालत के आदेश को लेकर ऐसी पोस्ट प्रसारित की गईं, जिनमें कहा गया कि हाईकोर्ट ने शामली पुलिस को फटकार लगाई है। पुलिस ने इसे भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए कहा कि अदालत के आदेश के अनुपालन में आयुष को पेश किया गया था। पुलिस के अनुसार, अदालत ने पुलिस से कोई जवाबी हलफनामा दाखिल करने को नहीं कहा था और पुलिस की ओर से ऐसा कोई हलफनामा दाखिल भी नहीं किया गया।
उप निरीक्षक जहांगीर की तहरीर के आधार पर सैयद कैफ हसन, करिश्मा अजीज, निखत अली, द मुस्लिम, वसीम अकरम त्यागी और फेसबुक यूजर नदीम सैफी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) के तहत केस दर्ज किया गया है।