मूल रूप से देहरादून निवासी हरीश फारूकी एएमयू में कब और कहां तक पढ़ा है। ये तो अभी तक साफ नहीं हुआ। मगर जांच में साफ हुआ है कि वह एएमयू का छात्र रहा है और वह व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये सामा नामक छात्र संगठन से जुड़ा था। वह झारखंड से गिरफ्तार कोचिंग संचालक पूर्व छात्र वजीहउद्दीन के जरिये ही नए छात्रों को जुड़वाता था और अलीगढ़ मॉड्यूल्स को ऑपरेट करने के साथ देश विरोधी गतिविधियों को संचालित करता था। साथ में आईएस की विचारधारा का प्रचार प्रसार कर रहा था। इसका मुख्य मकसद भारत में आईएस की जड़ें मजबूत करना था।
असम में आईएस के भारतीय चीफ हरीश फारूकी की गिरफ्तारी हुई है। उसका अलीगढ़ से नाता बताया गया है। इस विषय में खुफिया एजेंसियों की मदद से जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय गतिविधियां भी दिखवाई जा रही हैं। बाकी एजेंसियां जो मदद मांगेंगी की जाएगी। -शलभ माथुर, आईजी रेंज
आज तक एक भी छात्र पर कार्रवाई नहीं
एएमयू के छात्र लगातार आईएस से जुड़ने पर गिरफ्तार हुए। अब उनका सरगना गिरफ्तार हुआ। मगर आज तक एएमयू स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।