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वीर सावरकर अंग्रेजों के दलाल थेः संदीप पांडेय

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एएमयू बाब ए सैय्यद गेट पर धरना देते छात्र छात्राएं। - फोटो : CITY OFFICE
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नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी, जेएनयू हिंसा आदि को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में चल रहे विरोध प्रदर्शन का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। रविवार को धरना-प्रदर्शन और सभा में मैग्सेसे पुरस्कार विजेता सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडेय और प्रवीर पुरकायस्था शामिल हुए। पहले ये लोग जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर पर आयोजित सभा में शामिल हुए और बाद में बाब ए सैयद पर चल रहे धरने में पहुंचे। इस दौरान संदीप पांडेय ने सावरकर को अंग्रेजों का दलाल तक कह डाला।
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संदीप पांडेय ने कहा कि देश में पिछले कुछ समय में जितने भी बड़े आंदोलन हुए हैं, उन सभी का युवाओं ने नेतृत्व किया है। जब इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लागू की तो जेपी आंदोलन युवाओं का आंदोलन था। ऐेसे अन्य आंदोलन समय समय पर हुए। उन्होंने कहा कि 1942 में भारत छोड़ो का नारा दिया गया और कांग्रेस की सारी लीडरशिप जेल में चली गई। तब युवाओं ने ही आंदोलन की कमान संभाली थी। यहां एएमयू में भी युवा ही इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। यह सफल होगा।
उन्होंने कहा कि यह छात्र कभी हिंसा नहीं कर सकते। यह सरकार झूठ बोल रही है, जो भी हिंसा हुई है, वह बीजेपी और आरएसएस के लोगों ने की है या फिर पुलिस ने हिंसा की है। उन्होंने कहा कि जो लोग आज सत्ता में बैठे हैं, उन्होंने आजादी के आंदोलन में कोई भाग नहीं लिया। सावरकर के अलावा इनके पास कोई नाम नहीं है। आजादी के आंदोलन में तीन लोग माफी मांग कर बाहर आए थे, जिनमें सावरकर एक थे। वह अंग्रेजों के दलाल थे। बीजेपी की सरकार और अंग्रेजों की सरकार में कोई अंतर नहीं है, क्योंकि दोनों ही लोग जनता को हिंदू और मुसलमानों में बांटने का प्रयास कर रहे हैं। देश में एक व्यवस्था थी कि जो यहां पैदा हुआ है वह यहां का नागरिक है। अब यह लोग इस व्यवस्था को पलटना चाहते हैं। संदीप पांडेय ने कहा कि समस्याओं से निपटने के लिए सभ्य तरीके होते हैं। अमेरिका में भी मैक्सिको से लाखों लोग आकर काम कर रहे हैं। उन्हें वहां की नागरिकता नहीं बल्कि वर्क परमिट दिया गया है। इस अवसर पर छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन सहित अन्य छात्र नेता मौजूद थे।
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छात्र संघ के सभी पूर्व अध्यक्ष एएमयू में जुटेंगे
अलीगढ़। बाब ए सैयद धरना स्थल पर पहुंचे एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष हाफिज आजम बेग ने कहा कि कुछ ही दिनों में एएमयू छात्र संघ के सभी पूर्व अध्यक्ष यहां पर इकट्ठा हो जाएंगे और छात्रों की लड़ाई में साथ होंगे। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वह लड़ाई को कमजोर नहीं होने दें। विश्वविद्यालय प्रशासन के बहकावे में नहीं आने की बात कही। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आपकी ओर देख रही है। जेएनयू ने बीजेपी के गुंडों ने कहर बरपाया है। ऐसा न हो कि हमारी लड़ाई केवल वीसी को हटाने तक ही सीमित रह जाए और सीएए से ध्यान ही हट जाए।
सीएए और एआरसी सजिश का हिस्सा: पाशा
सीएए, एनआरसी को लेकर अमुटा ने भी कैंपस में रविवार को सत्याग्रह का आयोजन किया। इसमें सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एडवोकेट निजामुद्दीन पाशा ने भी भाग लिया। पाशा ने कहा कि यह सीएए और एनआरसी केंद्र सरकार की सोची समझी साजिश का हिस्सा है। इसमें ये लोग इतने दस्तावेजों में उलझा देने वाले हैं कि कोई यह साबित नहीं कर पाएगा कि उसके पूर्वज कहां रहते थे। उन्होंने इस कानून को पूरी तरह असंवैधानिक बताया। स्टाफ क्लब पर शिक्षकों ने भी संबोधन किया और सीएए और एनआरसी के विरोध में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि जब तक इस कानून को मौजूदा शक्ल में रद नहीं करवाएंगे, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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