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भविष्य ज्योति: गले में पहना मेडल तो चेहरे पर बिखरी मुस्कान, 10वीं और 12वीं के मेधावियों का हुआ सम्मान

Fri, 14 Jun 2024 06:57 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

मेधावियों को मंच पर आमंत्रित कर तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अतिथियों ने उन्हें मेडल पहनाया। मेडल और प्रमाणपत्र पाकर मेधावियों ने खुशी जाहिर की। भीषण गर्मी होने के बाद भी मेधावी अपने माता-पिता के साथ सम्मान लेने स्कूल पहुंचे।
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भविष्य ज्योति विद्यार्थी सम्मान पाने के बाद मेधावी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर और महापौर प्रशांत सिंघल ने जब मेधावियों को प्रमाणपत्र देकर मेडल पहनाया, तो वह खुशी से चहक उठे। जिन मेधावियों को सम्मानित किया गया, उन्होंने वर्ष 2024 में यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई की 10वीं और 12वीं परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए हैं।

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13 जून को विजडम पब्लिक स्कूल में अमर उजाला और मंगलायतन विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अमर उजाला भविष्य ज्योति कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मेधावियों को मंच पर आमंत्रित कर तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अतिथियों ने उन्हें मेडल पहनाया। मेडल और प्रमाणपत्र पाकर मेधावियों ने खुशी जाहिर की। भीषण गर्मी होने के बाद भी मेधावी अपने माता-पिता के साथ सम्मान लेने स्कूल पहुंचे। इस अवसर पर मंगलायतन विवि के वरिष्ठ विपणन प्रबंधक मयंक प्रताप सिंह, विजडम पब्लिक स्कूल के प्रबंध निदेशक प्रमोद गुप्ता, प्रबंधक निदेशक महेश गुप्ता, स्कूल की निदेशक प्रीति गुप्ता आदि मौजूद रहीं। अमर उजाला ने स्कूल प्रबंध समिति का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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असफल हों तो री-स्टार्ट करें : शलभ
अलीगढ़ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने कहा कि जब सफलता आपसे दामन छुड़ाने लगे तो समझिए तैयारी में कुछ कमी रह गई है। इस कमी को दूर करने के लिए री-स्टार्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद वह आईआईटी की परीक्षा में बैठे थे, लेकिन असफल रहे। इससे उनके आत्मविश्वास को धक्का लगा था, लेकिन इसके लिए कोई और नहीं, बल्कि वह स्वयं जिम्मेदार थे, क्योंकि उनकी उस स्तर की तैयारी नहीं थी, जिसकी जरूरत थी। इसके बाद खुद को बेहतर बनाना शुरू कर दिया। आज वह एक पुलिस अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान विद्यालय में होने वाले विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। इनमें प्रश्नोत्तरी, भाषण, निबंध सहित अन्य प्रतियोगिताएं शामिल हैं। पुलिस महानिरीक्षक ने विद्यार्थियों से कहा- उन्हें डराने वाले बहुत मिल जाएंगे, यह परीक्षा बहुत मुश्किल होती है, लेकिन अपने ऊपर विश्वास रखें और खुद को बेहतर बनाने की दिशा में काम करते रहें। असफलता से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि आपने उस दिशा में पहला कदम रख दिया है, जहां से मंजिल की तरफ रास्ता जाता है। असफलता से सीखकर सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ें। उन्होंने सम्मान पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि अपने व्यक्तित्व और व्यवहार को बेहतर रखें।

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गंभीरता के बजाय बुद्धिमता से पढ़ाई करें : प्रशांत

मेयर प्रशांत सिंघल ने सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों से कहा कि वह अपने जीवन में तरक्की करें और खूब नाम कमाएं। आपकी वजह से स्कूल, परिजन, जिले और प्रदेश का नाम रोशन होगा। आप देश के भविष्य हैं। अपनी जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ना है। सामाजिक सरोकारों से भी आपका नाता बना रहना चाहिए। आप अपने सपनों को पूरा करें, क्योंकि आपके सपनों में आपके परिजनों का सपना होता है। सपने को हकीकत में बदलने के लिए खूब मेहनत करनी चाहिए। आप सभी तारीफ के लायक हैं, क्योंकि परीक्षा में जो अंक हासिल किए हैं, उसमें आपकी मेहनत झलक रही है। गंभीर होकर नहीं, बल्कि आनंदित होकर पढ़ाई करनी चाहिए। गंभीरता के बजाय बुद्धिमता से पढ़ाई करें। जब विद्यार्थी से स्कूल से निकलें तो मस्तिष्क प्रबंधन को कायम करें। यही सफलता की सीढ़ी होगी।

लक्ष्य जीवन में निर्धारित करें : प्रो. सौरभ
मंगलायतन विवि के प्रवेश के निदेशक प्रो. सौरभ ने कहा कि अमर उजाला और मंगलायतन विश्वविद्यालय की परंपरा है कि मेधावियों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। जब आप लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ेंगे तो यकीन मानिए जीवन में सफल हो जाएंगे। 12वीं करने के बाद जीवन में क्या करना है, इस बारे में विद्यार्थियों को पता नहीं होता है। इसलिए अमर उजाला और मंगलायतन विवि लक्ष्य निर्धारित करने के लिए विद्यार्थियों को एक प्लेटफॉर्म मुहैया कराता है।

सफलता पाने के लिए निरंतरता जरूरी : प्रो. रविकांत
मंगलायतन विवि के विकास व शोध के डीन प्रो. रविकांत ने कहा कि विद्यार्थियों को अगर सफलता पानी है, तो उन्हें अपनी पढ़ाई में निरंतरता बनानी होगी। निरंतरता से ही सफलता की पटकथा लिखी जा सकती है। हर हाल में विद्यार्थियों को मेहनत करनी होगी। यही सफलता की पूंजी है। अगर मन में ठान लिया जाए तो सफलता मिलकर रहती है। सबसे बड़ी बात यह है कि विद्यार्थियों को हमेशा परिजनों का सम्मान करते रहना चाहिए।
 
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