मेयर प्रशांत सिंघल ने सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों से कहा कि वह अपने जीवन में तरक्की करें और खूब नाम कमाएं। आपकी वजह से स्कूल, परिजन, जिले और प्रदेश का नाम रोशन होगा। आप देश के भविष्य हैं। अपनी जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ना है। सामाजिक सरोकारों से भी आपका नाता बना रहना चाहिए। आप अपने सपनों को पूरा करें, क्योंकि आपके सपनों में आपके परिजनों का सपना होता है। सपने को हकीकत में बदलने के लिए खूब मेहनत करनी चाहिए। आप सभी तारीफ के लायक हैं, क्योंकि परीक्षा में जो अंक हासिल किए हैं, उसमें आपकी मेहनत झलक रही है। गंभीर होकर नहीं, बल्कि आनंदित होकर पढ़ाई करनी चाहिए। गंभीरता के बजाय बुद्धिमता से पढ़ाई करें। जब विद्यार्थी से स्कूल से निकलें तो मस्तिष्क प्रबंधन को कायम करें। यही सफलता की सीढ़ी होगी।
लक्ष्य जीवन में निर्धारित करें : प्रो. सौरभ
मंगलायतन विवि के प्रवेश के निदेशक प्रो. सौरभ ने कहा कि अमर उजाला और मंगलायतन विश्वविद्यालय की परंपरा है कि मेधावियों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। जब आप लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ेंगे तो यकीन मानिए जीवन में सफल हो जाएंगे। 12वीं करने के बाद जीवन में क्या करना है, इस बारे में विद्यार्थियों को पता नहीं होता है। इसलिए अमर उजाला और मंगलायतन विवि लक्ष्य निर्धारित करने के लिए विद्यार्थियों को एक प्लेटफॉर्म मुहैया कराता है।
सफलता पाने के लिए निरंतरता जरूरी : प्रो. रविकांत
मंगलायतन विवि के विकास व शोध के डीन प्रो. रविकांत ने कहा कि विद्यार्थियों को अगर सफलता पानी है, तो उन्हें अपनी पढ़ाई में निरंतरता बनानी होगी। निरंतरता से ही सफलता की पटकथा लिखी जा सकती है। हर हाल में विद्यार्थियों को मेहनत करनी होगी। यही सफलता की पूंजी है। अगर मन में ठान लिया जाए तो सफलता मिलकर रहती है। सबसे बड़ी बात यह है कि विद्यार्थियों को हमेशा परिजनों का सम्मान करते रहना चाहिए।