रामघाट रोड स्थित एसएमबी इंटर कालेज परिसर में दो बीघा जमीन में बने मिथलेश्वर महादेव मंदिर की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में आरोप तय हो गए हैं। इस बेशकीमती जमीन को तहसील व कलक्ट्रेट के रिकार्ड रूम में हेर फेर कर कब्जाने के मामले में मंदिर ट्रस्ट की निष्क्रियता सामने आई है। अब तक हुई जांच में सामने आया है कि मंदिर के ट्रस्टी ही तय नहीं हैं। हालांकि कमिश्नर एवं डीएम के हस्तक्षेप के बाद एसडीएम कोल न्यायालय ने इस बहुचर्चित मामले में आरोप तय हो गए हैं। इसमें दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति को दोषी बताया जा रहा है। जल्द ही उसके खिलाफ एफआईआर के आदेश होने की संभावना है।
यह है मामला
रामघाट रोड स्थित एसएमबी इंटर कालेज परिसर में दो बीघा जमीन पर मिथलेश्वर महादेव मंदिर बना हुआ है। मंदिर की स्थापना के बाद से ही मंदिर ट्रस्ट इसका संचालन कर रहा था। बाद में ट्रस्टियों के हितों में टकराव के चलते ट्रस्ट लंबे समय से निष्क्रिय चल रहा था। इधर कालेज प्रबंधन भी विवादों से बचने के लिए इस मामले से खुद को अलग रखे हुए था। इसका फायदा महानगर के टनटनपाड़ा निवासी इतरत हुसैन एवं उनके कुछ साथियों ने उठाया। इस मामले में एडीएम प्रशासन द्वारा बेगमबाग निवासी ओमप्रकाश शर्मा पुत्र जानकी प्रसाद शर्मा के शिकायती पत्र पर प्रभारी अधिकारी राजस्व अभिलेखागार से रिपोर्ट मांगी गई तो इसका खुलासा हुआ। रिपोर्ट में बताया गया कि कस्बा कोल द्वितीय के खेवट सन फसली 1357 से 1359 व 1368 से 1371 पर खेवट संख्या 470 रकबा 7 विस्वा पर इतरत हुसैन वल्द फिदा हुसैन साकिन टनटनपाड़ा का नाम किसी अन्य प्रविष्टि को मिटाकर बिना किसी आदेश के अंकित किया गया है। संस्तुति की गई कि उक्त फर्जी प्रविष्टि को निरस्त कर तथा संबंधित पक्ष इतरत हुसैन के विरुद्घ सक्षम धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करायी जाय।
मिथलेश्वर महादेव मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में सारी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। निर्णय सुनाना बाकी है। अब तक आए तथ्यों के आधार पर टनटनपाड़ा निवासी इतरत हुसैन को प्रभारी अधिकारी राजस्व अभिलेखागार की रिपोर्ट एवं अन्य तथ्यों के आधार पर दोषी पाया गया है। जल्द ही उनके खिलाफ एफआईआर के आदेश जारी किये जाएंगे। उन्होंने माना कि मामले में देरी की वजह मंदिर के ट्रस्टियों की आपसी खेमेबंदी है और इस वजह से अवैध कब्जे के बावजूद कोई भी शिकायत के लिए सामने नहीं आया।
रंजीत सिंह, एसडीएम कोल