महानगर में संचालित जिन सवारी ऑटो में जनता अपने गंतव्य तक जाने के लिए यात्रा कर रही है, वह सभी अवैध हैं। एक भी सवारी ऑटो के पास परिवहन विभाग की ओर से परमिट नहीं है। परमिट के लिए यह ऑटो संचालक आवेदन नहीं कर रहे हैं। परिवहन विभाग से एसपी ट्रैफिक द्वारा मांगी गई सूचना पर यह खुलासा हुआ है।
विस्तृत रिपोर्ट एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी की ओर से भेजी गई है। इस रिपोर्ट में सिर्फ जट्टारी, अतरौली, इगलास और गभाना में संचालित कुछ ऑटो को वैध करार दिया गया है। एसपी ट्रैफिक के मुताबिक वह इन अवैध सवारी ऑटो के खिलाफ अभियान चलाएंगे। इनको या तो परमिट लेना होगा या फिर जुर्माना भरने के लिए तैयार रहना होगा।
सीज वाहनों को खड़े करने की जगह न होने से नहीं होती कार्रवाई
एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी ने बताया कि बिना परमिट सवारी ऑटो चलाते पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना चालक पर तय किए जाने का प्रावधान है। इसके साथ ही उसके वाहन को भी सीज किया जाता है। मगर, थानों में वाहनों को खड़े करने की जगह नहीं मिलती। इसके चलते बड़े स्तर पर अभियान नहीं चल पाता। जिले में दिल्ली की तर्ज पर सीज वाहनों को थाने में खड़ा करने की बजाय परिवहन विभाग पार्किंग एरिया में खड़ा करने के लिए जमीन की तलाश में जुटा है। मगर, अभी तक जिला प्रशासन ने कोई भी ऐसी जमीन उपलब्ध नहीं कराई है। पिछले दो-ढाई साल से यह प्रस्ताव अटका पड़ा है।
निजी बसों के मार्ग पर सवारी ऑटो चलाने की अनुमति नहीं
एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी ने बताया कि जिले में पांच ऑटो संचालन केंद्र है। तय नियम के मुताबिक संचालन केंद्र की 16 किमी की परधि में सवारी लाने-ले जाने की अनुमति ऑटो संचालकों को दी जाती है। इस परधि से बाहर जाने पर इनके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। इसके साथ ही निजी बसों के मार्ग पर इन सवारी ऑटो को चलाने की अनुमति नहीं है।
2019 में खत्म हो गए थे शहर के 850 सवारी ऑटो के परमिट
परिवहन विभाग के रिकार्ड के मुताबिक सवारी ऑटो की आयु सीमा सात साल तय है। इसके बाद इनकी हालत पर इनके आगे के संचासन की अनुमति देना निर्भर करता है। शहर में संचालित होने वाले 850 के करीब सवारी ऑटो को 2019 में परमिट से बाहर किया गया था। तब से अब तक किसी ने भी परमिट के लिए आवेदन नहीं किया है।
संचालन केंद्र वैध ऑटो की संख्या
अलीगढ़ शहर 00
जट्टारी 562
अतरौली 998
इगलास 50
गभाना 365