राजस्व संग्रह करने वाले सीजनल अमीनों को नियम विरुद्ध रखने वाले पांच तहसीलों के ग्यारह बाबुओं के खिलाफ आरोप पत्र जारी किए गए हैं। इन बाबुओं ने दस फीसदी से अधिक प्रशासनिक व्यय करने वाले सीजनल अमीनों को रखा था, जबकि नियमानुसार दस फीसदी से कम खर्च करने वालों को रखा जाना था। अब इन बाबुओं से रिकवरी हो सकती है।
जिले में गुजरे कुछ सालों में तहसीलों में रखे गए सीजनल अमीनों ने नियमानुसार ज्यादा खर्च किया। इसके बावजूद उनको नियुक्ति दी जाती रही। इसकी शिकायत मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी से हुई। इस पर उन्होंने डीएम चंद्रभूषण सिंह को जांच का निर्देश दिया। डीएम ने जांच कराई तो पांचों तहसीलों के 11 बाबुओं की भूमिका संदिग्ध मिली। इन बाबुओं ने नियम विरुद्ध अधिक प्रशासनिक व्यय करने वाले सीजनल अमीनों को ही काम पर रखा था। जब डीएम को ये हकीकत पता चली तो उन्होंने दोषी बाबुओं के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर दिए।
अब इसमें तीन बाबू सेवानिवृत्त हो चुके हैं। आठ अभी काम पर हैं। एडीएम वित्त विधान जायसवाल ने बताया कि सभी बाबुओं को पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं था। इसलिए अब इनके खिलाफ आरोप पत्र जारी कर दिए गए हैं। जिस पर प्रशासनिक अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। मनमानी करने वाले बाबुओं को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने नियमों का उल्लंघन कर राजस्व हानि पहुंचाई है। इसकी रिकवरी भी संबंधित बाबुओं से हो सकती है।