न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
अचलताल सरोवर के सौंदर्यीकरण के चलते शुक्रवार-शनिवार रात करीब दो बजे प्राचीन गणेश मंदिर के पीछे की दीवार ढह गई। लैंटर चटक गया है। शुक्र है कि यह हादसा रात में हुआ। अगर दिन में होता तो लोग इसकी चपेट में आ जाते। हादसे की सूचना पर नगर निगम द्वारा कोई पहल न किए जाने पर राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारी व समाजसेवियों ने हंगामा काटा। मौके पर पहुंचे स्मार्ट सिटी के अधिकारी को लोगों ने घेर लिया और कहा कि नगर आयुक्त को भेजो, उनसे ही बात करेंगे। बाद में शहर विधायक के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से मरम्मत कार्य कराने का आश्वासन दिया है।
शनिवार सुबह दस बजे मंदिर के सेवायत विनयनाथ महाराज ने हादसे की सूचना नगर निगम अधिकारियों को दी। लेकिन किसी ने कोई सुध नहीं ली। इधर, जानकारी पर राजनीतिक दलों के पदाधिकारी व समाजसेवी मौके पर पहुंच गए। उन लोगों ने इससे पहले अचलेश्वर मंदिर, तामेश्वर मंदिर को ध्वस्त होने का मुद्दा उठाया ओर कहा कि जानबूझकर यह कार्य किया जा रहा है। तालाब में मछलियों के मरने का भी प्रकरण उठाया गया। लोगों ने हंगामा किया।
जानकारी मिलने पर स्मार्ट सिटी के अधिकारी राजेश कौशल पहुंचे तो महंत विनयनाथ महाराज ने उनसे कहा कि नगर आयुक्त को बुलाकर लाएं। आप लोग अचलताल के सौंदर्यीकरण के नाम पर व्यावसायिक स्थल और लवर पॉइंट बनाना चाहते हैं, जिसे हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। भाजपा नेता राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने स्मार्ट सिटी अधिकारी राजेश कौशल को मारपीट की धमकी तक दे दी। वहीं, कांग्रेस नेता अशोक पांडेय ने भी नाराजगी जताई, कहा कि आप नगर आयुक्त को भेजें, हम उन्हीं से बात करेंगें। नगर निगम की लापरवाही के चलते पहले भी कई मंदिरों को नुकसान हुआ है। यहां पर भुवनेश आधुनिक, अशोक चौधरी, गौरव शर्मा आदि ने मंदिर के पुन: निर्माण की आवाज उठाई।
उधर, शहर विधायक संजीव राजा तक मामला पहुंचा। इसके बाद मंडलायुक्त गौरव दयाल ने अपने एसीएम द्वितीय संदीप कुमार को भेजा। मौके पर मुआयना कर उन्होंने अपनी रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपी। मंडलायुक्त ने शहर विधायक संजीव राजा को फोन कर आश्वासन दिया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत क्षतिग्रस्त दीवार का निर्माण कराएंगे। इसके बाद मामला शांत हुआ और सेवायत विनयनाथ महाराज ने सहमति जताई। यह कार्य एक-दो दिन में शुरू हो जाएगा।