उसने बताया कि रिश्तेदार के शोर मचाने पर और ग्रामीण आ गए और तीनों बदमाशों को दौड़ा लिया। दो आरोपी आलमपुर चौराहे पर ग्रामीणों ने दबोच लिए तो उनके पास दो तंमचे मिले, जो पुलिस को सौंप दिए। एक बदमाश गांव में कहीं छिप गया। कई घंटों बाद वह ग्रामीणों को दिखा तो दौड़ा लिया। तभी खेत पर एक डोलची में पानी लेकर परिजनों के साथ जा रही अंजलि पुत्री ज्ञाप्रसाद को बदमाश ने पकड़ लिया और गर्दन पर चाकू रख कर ग्रामीणों से कहने लगा कि इसे जान से मार दूंगा मुझे जाने दो। लेकिन ग्रामीणों ने कहा कितू लड़की को मार देगा तो तूभी जिंदा नहीं बचेगा। इसके बाद आरोपी को पकड़कर ग्रामीणों ने अंजलि को बदमाश के कब्जे से छुडा लिया और बदमाश को पकड़कर जमकर धुनाई करने के बाद पुलिस को सौंप दिया। इस बदमांश से दो चाकू भी मिले हैं।
पुलिस ने शांतिभंग का केस दर्ज कर टेंपो चालक को भी भेजा जेल
आरोप है कि पुलिस ने तीनों बदमाश पुष्पेंद्र पुत्र शीशपाल सिंह निवासी गांव दरियापुर थाना अकराबाद व रंजीत पुत्र महावीर सिंह और मोनू पुत्र दुर्वीन सिंह निवासी गांव नगला सुम्मेर थाना बागवाला जिला एटा सहित टेंपो चालक राधेसयाम पुत्र प्रभूदयाल को आपस में मारपीट दिखा कर शांतिभंग में जेल भेज दिया।
आपसी रंजिश का है मामला
कार्यवाहक थाना प्रभारी संजीव मौर्या ने बताया कि रंजीत की गांव नगला लाले में साली रहती है। रंजीत की अपने साढू से पहले से ही लड़ाई चल रही क्योकि रंजीत ने कासगंज से लवमेंरिज की है। टेंपो चालक ने रंजीत के साढू को फोन कर दिया तो साढू ने गांव वालों के साथ रंजीत को दौड़ा लिया था। इसलिए रंजीत ने एक लड़की की गर्दन पर सब्जी काटने वाला चाकू गर्दन पर रख अपना बचाव किया। लड़की के पिता की तहरीर पर मुकदमा लिखा गया है। रंजीत पुत्र महावीर व मोनू पुत्र दुर्वीन निवासी नगला सुम्मेर थाना बागवाला, पुष्पेंद्र पुत्र शीशपाल निवासी दरियापुर थाना अकराबाद और टेपो चालक राधेस्याम पुत्र प्रभुदयाल को पकड़ लिया गया है।