अलीगढ़ से मुरादाबाद तक 3-4 घंटे का सफर घटकर 90 मिनट रह जाएगा। इसके मुरादाबाद में 22 और अलीगढ़ की गभाना-कोल तहसील में 45 गांवों की जमीन अधिग्रहण होगी। इस हाईवे पर 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ेंगी और टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर पर प्रतिबंध रहेगा।
अलीगढ़ से मुरादाबाद जाने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। मुरादाबाद और अलीगढ़ के बीच करीब 150 किलोमीटर लंबे नए फोरलेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे का निर्माण होगा। इस हाईवे से दोनों शहरों के बीच का 3 से 4 घंटे का सफर घटकर महज 90 मिनट का रह जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है।
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प्राधिकरण की योजना मौजूदा दो-लेन हाई स्पीड कॉरिडोर को चार-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे में बदलने की है। यह नया हाईवे मुरादाबाद से शुरू होकर अमरोहा, संभल और बुलंदशहर होते हुए अलीगढ़ तक जाएगा। इस परियोजना के लिए अलीगढ़ जिले की गभाना और कोल तहसील के 45 गांव की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। प्रशासन ने जमीन की खरीद-फरोख्त और नए रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है। इन गांवों में जल्द ही सर्वे और जमीन चिह्नित करने का काम शुरू होगा।
अलीगढ़ से मुरादाबाद 90 मिनट में
फिलहाल मुरादाबाद से अलीगढ़ जाने में 3 से 4 घंटे लगते हैं। यह करीब 150 किलोमीटर का रास्ता चंदौसी, बबराला और डिबाई से होकर जाता है। सड़क संकरी होने, अतिक्रमण और भारी ट्रैफिक के कारण इसमें अधिक समय लगता है। नया फोरलेन हाईवे बनने से इस समस्या से निजात मिलेगी। एक्सेस कंट्रोल्ड होने के कारण वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे। इससे यात्रा का समय घटकर 90 से 120 मिनट रह जाएगा।
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अलीगढ़ के 45 गांव की जमीन का होगा अधिग्रहण
मुरादाबाद जिले में 22 गांवों की 190 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। अलीगढ़ जिले में भी इस हाईवे के लिए बड़े पैमाने पर जमीन ली जाएगी। जिले की गभाना और कोल तहसील के कुल 45 गांव परियोजना की जद में आएंगे। दोनों जिलों को मिलाकर कुल 67 गांवों की जमीन परियोजना के लिए ली जाएगी।
हाईवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहन नहीं चलेंगे
यह एक एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे होगा, जिससे गांवों या लोकल सड़कों से सीधी एंट्री नहीं मिलेगी। वाहन केवल निर्धारित इंटरचेंज से ही हाईवे पर चढ़ और उतर सकेंगे। इससे जाम और हादसों की आशंका कम होगी। सुरक्षा के लिए दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। केवल कार, बस और अन्य बड़े वाहन ही इसका उपयोग कर सकेंगे।