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अलीगढ़ : चुनावी शंखनाद पर सर्द मौसम में चढ़ा जिले का सियासी पारा

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कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष सिंह। - फोटो : CITY OFFICE
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जिसका इंतजार था, वह घड़ी आ गई। शनिवार को सियासी शंखनाद के साथ आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। खास बात यह है कि अलीगढ़ जिले में पहले चरण में चुनाव होगा। इसे लेकर सियासी खेमों में हड़बड़ाहट मच गई है। वजह है टिकटों की घोषणा और स्टार प्रचारकों की रैलियों की।
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हालांकि, अंदरखाने सभी दल पहले से तैयारियों में जुटे थे। मगर पहले चरण में चुनाव और 14 जनवरी से नामांकन की उद्घोषणा ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। दावेदारों से लेकर संगठन के पदाधिकारियों की भागदौड़ शनिवार शाम से बढ़ गई है। अब देखना है कि टिकटों की घोषणा में कौन बाजी मारता है। आयोग द्वारा 15 जनवरी तक रैलियों पर रोक लगाए जाने के कारण विपक्ष ज्यादा परेशान है।
इसे सत्ता पक्ष के इशारे पर की गई कार्रवाई करार दिया जा रहा है। विधानसभा चुनाव की तैयारियां सभी दलों में पिछले करीब दो महीने से चल रही थीं। सत्ता पक्ष ने जहां रैलियां आयोजित कीं और मतदाता बढ़वाने पर जोर दिया। वहीं विपक्षी भी अपने अपने मतदाता बढ़वाने से लेकर अन्य तमाम कार्यों में जुटे थे।
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उम्मीद सभी को थी कि जनवरी में आचार संहिता लागू होगी। मगर कोविड की तीसरी संभावित लहर को लेकर संशय भी था। इसी बीच शनिवार को चुनाव आयोग ने यूपी में चुनाव की घोषणा कर आचार संहिता लागू कर दी और अलीगढ़ में पहले चरण में मतदान का एलान किया है।
14 जनवरी से 21 जनवरी तक नामांकन होंगे। शाम चार बजे हुए इस एलान के साथ ही सभी सीटों पर सभी दलों के दावेदारों से लेकर संगठन के पदाधिकारियों का काम एकाएक तेज हो गया। सभी जल्द अपनी पार्टी के प्रत्याशियों की घोषणा और खुद की घोषणा के प्रयास में जुट गए हैं।
हालांकि अब तक बसपा ने जरूर अपने जिले की दो सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर रखे हैं। बाकी किसी दल ने एलान नहीं किया। मगर संकेत हैं कि आने वाले चार से पांच दिन में सभी प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे।
- आचार संहिता लागू होने से पहले से हमारी तैयारी जारी थी। रविवार को लखनऊ में पार्टी सुप्रीमो ने बैठक बुलाई है। उसी में शामिल होने जा रहा हूं। सभी सीटों पर नाम लगभग फाइनल हैं। रविवार की बैठक में चर्चा के बाद उस पर एक-दो दिन में मुहर लगना और घोषणा होना बाकी है। पार्टी सुप्रीमो की रैली को लेकर भी तारीख फाइनल जल्द करा ली जाएगी।
- रतनदीप सिंह, जिलाध्यक्ष बसपा
- आचार संहिता लागू होने की सभी को बधाई है। 14 जनवरी से नामांकन होने हैं, उससे पहले यानि अगले दो या तीन दिन में सातों सीटों के प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे। जिले से सात सीटों पर 44-45 नामों का पैनल पार्टी हाईकमान को भेजा गया है। आवेदकों से आवेदन लेने से लेकर पर्यवेक्षकों ने भी अपनी रिपोर्ट तैयार की है। तैयारी पूरी है। हां, मगर 15 जनवरी तक रैली पर रोक अटपटा लग रहा है। जब खुद सत्ताधारी भाग रहे थे, तब कोरोना नहीं था, अब विपक्ष न कुछ कर पाए, इसलिए ये रोक लगाई है। - ठा. संतोष सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
- विधानसभा चुनाव की घोषणा हुई है, उसका स्वागत करता हूं। निश्चित रूप से जनता इस तारीख का इंतजार कर रही थी। कब चुनाव हो और उत्तर प्रदेश से भाजपा की सरकार को उखाड़ फेंके। सभी प्रत्याशियों के आवेदन लखनऊ में है, उन पर विचार किया जा चुका है, जहां तक संगठनात्मक बात है सेक्टर कमेटी, बूथ कमेटी तैयार है। सपा चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। जल्द ही पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा लखनऊ से की जाएगी। - गिरीश यादव, जिलाध्यक्ष, सपा
- खैर, इगलास, बरौली विधानसभा सीटों पर पार्टी की तरफ से तैयारी जबरदस्त है। वैसे बाकी सीटों पर रालोद-सपा गठबंधन की तैयारी है। जिस सीट पर रालोद प्रत्याशी है, उस पर गठबंधन दल मदद करेगा और जहां गठबंधन प्रत्याशी होगा, वहां रालोद के कार्यकर्ता व पदाधिकारी मदद करेंगे। साथ-साथ मिलकर एक-दूसरे की मदद की जाएगी। एक-दूसरे के लिए वोट भी मांगेगे। - चौधरी कालीचरन सिंह, जिलाध्यक्ष रालोद
- चुनाव आयोग के अनुसार अलीगढ़ की विधानसभा सीटों पर प्रथम चरण में चुनाव है। अलीगढ़ की जनता भाजपा के साथ है। सभी कार्यकर्ता उत्साह से भरे हुए हैं। बीजेपी सातों विधानसभा सीटों को जीतकर पुन: इतिहास दोहराएगी। हमारे दावेदारों के नाम हाईकमान के पास हैं। नामों की जल्द ही घोषणा कर दी जाएगी। - ऋषिपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा अलीगढ़।
भाजपा एक लाख लोगों की वर्चुअल रैली को तैयार
आयोग की घोषणा पर भाजपा जिलाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह ने कहा है कि हम आयोग की गाइड लाइन का पालन करने को तैयार हैं और एक लाख लोगों की वर्चुअल रैली को तैयार हैं। हमारे पास एक लाख कार्यकर्ताओं की आईडी और उन्हें संदेश पहुंचाने के इंतजाम हैं। किसी भी दिन जरूरत पर हम इतनी संख्या में लोगों की रैली कर सकते हैं।
रैली पर रोक लगाने पर कांग्रेस को आपत्ति
कांग्रेस को आयोग द्वारा रैली पर रोक लगाने पर आपत्ति है। जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा है कि ये सब सरकार के इशारे पर हो रहा है। सत्ताधारी दल नहीं चाहता कि विपक्ष के नेता जनता के बीच पहुंचे और उनकी कमियों को उजगार करें। कोरोना की तीसरी लहर पिछले करीब 15 दिन से है। उस दौर में खुद रैलियां कर रहे हैं तो कोई कोरोना नहीं, अब रैली पर रोक लगवाकर क्या परिचय देना चाहते हैं।

सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव।- फोटो : CITY OFFICE

राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष चौधरी कालीचरण सिंह।- फोटो : CITY OFFICE

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