95 प्रतिशत से अधिक कोविड टीकाकरण वाले गांवों के प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। 95 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण होने पर पर गांव को ‘प्रथम डोज संतृप्त गांव’ एवं दोनों डोज पूर्ण होने पर ‘कोविड सुरक्षित गांव’ घोषित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने समस्त जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के सुदृृढ़ीकरण के लिए कलक्टर मॉडल - 2.0 लागू करने का निर्देश दिया है। 19 अक्तूबर 2021 तक प्रदेश में लगभग 65 प्रतिशत लाभार्थियों को प्रथम डोज एवं 19 प्रतिशत लाभार्थियों को द्वितीय डोज से आच्छादित किया जा चुका है।
भारत द्वारा 100 करोड़ कोविड-19 टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रदेश का 12.23 करोड़ डोज का योगदान है। कोविड टीकाकरण अभियान की दैनिक प्रगति की समीक्षा के बाद रणनीतिकारों ने वर्तमान रणनीति के साथ ही अतिरिक्त प्रयास की आवश्यकता जताई है। द्वितीय डोज टीकाकरण को वरीयता देते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य है।
- शासन के निर्देश के अनुसार टीकाकरण की तैयारी शुरू कर दी गई है। अलीगढ़ में अब तक 19.95 लाख से अधिक लोगों को टीका लग गया है। दोनो डोज लगवाने वालों की संख्या 4.41 लाख है।
- डॉ. आनंद उपाध्याय, सीएमओ
ऐसा होगा आकलन
- सभी राजस्व ग्रामों में कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम डोज आच्छादन का आंकलन लेखपालों से कराया जाए
- आकलन के अनुरूप ग्रामों को तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। 95 प्रतिशत या अधिक प्रथम डोज, 80 से 95 तक प्रतिशत प्रथम डोज, 80 प्रतिशत से कम प्रथम डोज।
- 95 प्रतिशत से अधिक एवं 80 से 95 प्रतिशत टीकाकरण वाले गांवों को प्राथमिकता पर संतृप्त किया जाए।
- ब्लाक स्तरीय टास्क फोर्स की साप्ताहिक एवं दैनिक बैठक, समीक्षा।
- 95 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि वाले ब्लाकों को प्रथम डोज संतृप्त ब्लाक का दर्जा।
- 1 नवंबर 2021 से कलस्टर मॉडल-2.0 के अनुरूप गतिविधियों का सुचारू रूप से संचालन।