न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
सन 1804 में जिला बनने के बाद अलीगढ़ में जिले का दूसरा सबसे पुराना चर्च, चर्च आफ एसेंशन 1868 में जिलाधिकारी आवास के बराबर परिसर में स्थापित हुआ। रेवरेंट एच डब्ल्यू शैकल ने 57 हजार स्क्वायर यार्ड के भूभाग में इस चर्च का निर्माण कराया था। यह चर्च अलीगढ़ ही नहीं बल्कि आसपास के शहरों में भी बेहद प्रसिद्ध है।
ईसाई धर्मगुरु और विद्वान ओसमंड चार्ल्स एडवोकेट कहते हैं कि रेलवे स्टेशन से महज 500 मीटर दूर इस चर्च के लिए अंग्रेज कलक्टर हैनरी लारेंस से ईसाई समुदाय के हितों के लिए 6200 रुपये में पूरा भूखंड नीलामी में खरीदा गया था। चर्च की आधारशिला तत्कालीन पादरी ने रखी थी। इसमें बैठने की क्षमता शुरू में 150 थी, जो कि उस समय सबसे अधिक थी।
बाद में इसके बैठने की क्षमता को बढ़ाया गया। ओसमंड चार्ल्स कहते हैं कि यह चर्च डायोसीज आफ आगरा (चर्च आफ नार्थ इंडिया) का हिस्सा है। 1994 में चर्च परिसर में बगीचे को नए सिरे से तैयार किया गया। 1998 में चर्च का भी विस्तार किया गया। इसमें बालकोनी को भी जोड़ा गया। इस समय चर्च में 600 लोग बैठ सकते हैं। फादर रेवरेंट फादर हैरोल्ड अमिताभ इस चर्च में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ओसमंड चार्ल्स कहते हैं कि इस चर्च की इमारत पर यूरोपियन शैली का प्रभाव साफ देखा जा सकता है।
सादगी से मनाया जाएगा इस बार क्रिसमस
अलीगढ़। ओसमंड चार्ल्स कहते हैं कि क्रिसमस का पर्व मुख्य रूप से चर्च आफ एसेंशन पर आयोजित किया जाता है। लेकिन इस बार महामारी को देखते हुए यह पर्व बेहद सादगी और सावधानी से मनाया जाएगा। क्रिसमस वाले दिन सुबह 10.30 बजे चर्च सर्विस का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन दो गज की दूरी मास्क है जरूरी का पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्धारित समय के बाद चर्च में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।