कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बिजौली में अनामिका शुक्ला के शैक्षिक अभिलेखों के सहारे फर्जी तरीके से नौकरी लेने वाली शिक्षिका के बाकी अभिलेखों के मिलान में हुई चूक का खामियाजा अकाउंटेंट, वार्डन व बालिका शिक्षा समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक को भुगतना पड़ेगा। इसमें अकाउंटेंट की नौकरी जाने का अनुमान है।
25 जिलों के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला के शैक्षिक अभिलेेख से नौकरी लेने का मामला सुर्खियों में आने के बाद संबंधित विद्यालयों में जांच-पड़ताल शुरू हो गई। इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बिजौली के अकाउंटेंट हरीशचंद्र, वार्डन बीना व जिला समन्वयक गजेंद्र सिंह से बीएसए ने इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था। तीनों ने बुधवार को बीएसए को अपना स्पष्टीकरण दे दिया है। तीनों के जवाब के आधार पर बृहस्पतिवार को कार्रवाई करने का निर्णय लिया जाएगा। इसमें तीनों पर गाज गिरेगी। प्रथम दृष्टया में अकाउंटेंट की लापरवाही सामने आ रही है। फर्जी शिक्षिका को मानदेय का भुगतान करने के दौरान उसके प्रपत्र की जांच में अकाउंटेंट से चूक हुई है।
निर्धारित समय में अकाउंटेंट, वार्डन, जिला समन्वयक ने फर्जी शिक्षिका के मामले में अपना जवाब दे दिया है। बृहस्पतिवार को इस मामले में फैसला लिया जाएगा। फर्जी शिक्षिका को मानदेय देने में अगर अकाउंटेंट ने अभिलेख की जांच में सजगता दिखायी होती तो ऐसी स्थिति नहीं आती। इसमें अकाउंटेंट की लापरवाही सामने आई है। वहीं, वार्डन व डीसी पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।
-डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए
प्रमाण पत्र पर लगे फोटो को नजरअंदाज करना पड़ा भारी
अनामिका शुक्ला के जिस हाईस्कूल व इंटर के अंक पत्र व प्रमाण पत्र पर लगे फोटो व फर्जी शिक्षिका के फोटो का मिलान सही तरीके से कर लिया गया होता तो फर्जी मामले का भांडा नियुक्ति के दौरान ही फूट जाता। जिस अनामिका नाम से कई जिलों में फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आया है। उस अनामिका ने गोंडा जिले में हाईस्कूल वर्ष 2007 व इंटर की परीक्षा वर्ष 2009 में पास की थी। दोनों प्रमाण पत्र में अनामिका के फोटो प्रिंट हैं। प्रिंट फोटो व फर्जी शिक्षिका के मौजूदा फोटो या उसके चेहरे से मिलान करने में लापरवाही बरती गई। अलग-अलग फोटो को एक ही महिला की फोटो होने की पुष्टि करने वाले की भूमिका संदिग्ध होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
आज बक्से से निकलेगा सुराग
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बिजौली में फर्जी शिक्षिका का एक बक्सा रखा है। इस बक्से से फर्जी शिक्षिका के बारे में अहम सुराग हाथ लग सकता है, जो बृहस्पतिवार को खुलेगा। होली की छुट्टी में अपने घर गई फर्जी शिक्षिका लॉक डाउन के चलते विद्यालय नहीं आई पायी। इसी दौरान फर्जी नियुक्ति का प्रकरण सामने आ गया। विद्यालय बंद होने से फर्जी शिक्षिका का बक्सा भी अंदर बंद है। बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि बक्से में रखे किसी कागज से फर्जी शिक्षिका के घर का असली पता चल सकता है।
विद्यालय पहुंची पुलिस, बीईओ का इंतजार, नहीं खुला ताला
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बिजौली दो दिन से पुलिस जा रही है, लेकिन अंदर दाखिल नहीं हो सकी है। दअरसल दो दिन से शिक्षाधिकारियों का इंतजार पुलिस कर रही है।
थाना पालीमुकीमपुर के थानाध्यक्ष हरिभान सिंह राठौड़ के अनुसार, दो दिन से पुलिस मौके पर जा रही है, ताकि फर्जी शिक्षिका के मामले में कुछ अहम जानकारी मिल सके। मगर, यह तभी संभव है, जब गेट का ताला खुल सके। शिक्षाधिकारी की मौजूदगी में ताला खुलेगा। बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार को बीईओ पुलिस से मिलेंगे। अपनी मौजूदगी में ताला खुलवाएंगे।
जल्द उठेगा नकली अनामिका के चेहरे से पर्दा
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बिजौली में फर्जी शिक्षिका के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) थाना पालीमुकीपुर पुलिस ने हासिल कर लिया है। अब पुलिस फर्जी शिक्षिका के मोबाइल के कॉल डिटेल से संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
अतरौली के सीओ प्रशांत सिंह ने बताया कि फर्जी शिक्षिका के सीडीआर से पता चला है कि लॉकडाउन के बाद से सात जून तक का शिक्षिका का लोकेशन कानपुर देहात का रहा। महिला के मोबाइल नंबर पर जिस नंबर से बार-बार और देर तक बात हुई है, उस नंबर के संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में जानकारी खंगाली जा रही है। सीओ ने कहा कि बृहस्पतिवार को पुलिस टीम मामले की तह में जाने के लिए कानपुर देेहात जा रही है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही नकली अनामिका के चेहरे से पर्दा उठेगा। उधर, शिक्षाधिकारी की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को विद्यालय के गेट पर लगा ताला पुलिस खोलेगी। उम्मीद जतायी जा रही कि फर्जी शिक्षिका के बारे में कुछ अहम जानकारी हाथ लग सकती है।