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अलीगढ़ : प्रशिक्षकों के अभाव में दम तोड़ रहीं खेल प्रतिभाएं

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महारानी अहिल्याबाई होल्कर स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रशिक्षकों के अभाव में खेल प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं। प्रशिक्षकों की तैनाती न होने से खिलाड़ियों के अभ्यास पर असर पड़ा रहा है। कोरोना काल से पहले कुश्ती, शूटिंग, बॉक्सिंग, भारोत्तोलन, क्रिकेट, फुटबाल, हॉकी, एथलेटिक्स में अंशकालिक प्रशिक्षकों की तैनाती थी, लेकिन अब केवल दो अंशकालिक प्रशिक्षकों की तैनाती है।
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स्टेडियम में खिलाड़ियों का पंजीकरण है। उनसे शुल्क भी लिए जाते हैं, लेकिन वह प्रशिक्षकों की देखरेख में अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि प्रशिक्षकों की तैनाती नहीं है। सबसे ज्यादा एथलेटिक्स में 75 खिलाड़ियों का पंजीकरण है। इसी तरह अन्य खेलों में खिलाड़ी पंजीकृत हैं। स्टेडियम में बैडमिंटन व भारोत्तोलन में प्रशिक्षक की तैनाती है, जबकि टेबल टेनिस में उप क्रीड़ा अधिकारी विजय सिंह हैं, जो टेबल टेनिस विशेषज्ञ हैं।
कोरोना काल से पहले अंशकालिक प्रशिक्षकों की तैनाती थी, लेकिन अब प्रशिक्षकों की तैनाती नहीं है। प्रशिक्षक के न होने से खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है। - चेतन राघव, खिलाड़ी, फुटबाल
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महारानी अहिल्याबाई होल्कर स्पोर्ट्स स्टेडियम में अंशकालिक प्रशिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए। अगर प्रशिक्षक आ जाएं तो बेहतर तरीके से अभ्यास हो सकेगा। - अनुष्का शर्मा, खिलाड़ी, खो-खो
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बगैर प्रशिक्षक के बेहतर खिलाड़ी नहीं बना जा सकता है। इसलिए प्रशिक्षकों की तैनाती जरूरी है। खेल निदेशालय को इस बारे में सोचना होगा। - वलीउज्जमा खान, सचिव, जिला खो खो संघ
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अप्रैल में अंशकालिक प्रशिक्षकों की तैनाती हो जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। खिलाड़ियों को बिना प्रशिक्षक की देखरेख में अभ्यास करना पड़ा रहा है। - एमए जावेद, सचिव, मंडलीय पंजा कुश्ती
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अंशकालिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति के लिए खेल निदेशालय प्रस्ताव भेज रखा है। प्रशिक्षक के न होने से खिलाड़ियों के अभ्यास पर असर पड़ रहा है। - रानी प्रकाश, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी
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