भाई दूज के मौके जिला कारागार में शनिवार को कोरोना काल के बाद महिलाएं तथा युवतियां अपने भाइयों से मिलीं तो उनकी आंखों में आंसू आ गए। यहां सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक 1836 महिलाओं ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक किया और उनकी रिहाई के लिए प्रार्थना की। इस दौरान महिलाओं और युवतियों की लंबी कतारें भी लगीं।
जेल अधीक्षक विपिन मिश्रा व उनकी टीम ने अल सुबह से ही मिलाई की व्यवस्था शुरू कर दी थी। सुबह नौ बजे से भाइयों के तिलक के लिए बहनों को जेल के अंदर प्रवेश दिया गया। इस दौरान बाहर से आने वाली मिठाइयों को प्रतिबंध कर दिया गया। जेल प्रशासन ने जेल के अंदर लागत मूल्य पर मिठाइयां उपलब्ध कराईं।
बहनें बाहर से सिर्फ रोली और चावल ही ले जा सकीं। कोरोना संक्रमण काल के चलते जेल में बंदियों की परिजनों से मिलाई बंद चल रही थी। कोरोना काल के बाद मौका मिला तो बहनों ने अपने भाइयों को देखा और उनका हालचाल पूछा। काफी दिन बाद मिलने पर कई बहनें यहां रो पड़ीं।
जबकि जेल के बाहर कई बहनें घंटों तक अपने भाई से मिलने के लिए इंतजार भी करती रहीं। पूरे दिन में 1836 महिलाओं ने अपने भाइयों के तिलक लगाया और उनकी लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की। जबकि महिलाओं को प्रवेश आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट के आधार पर दिया गया था। मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए भाईदूज का पर्व जेल में हर्षोल्लास से मना।