कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हर रोज नये प्रयोग करने में लगा है। अब डीएम ने कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को हाई रिस्क की श्रेणी में रखने और लिस्ट बनाते समय उनकी उम्र, नाम, मोबाइल नंबर पते का विशेष ध्यान रखने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मरीज को होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोविड एल-1 व 2 में इनको आइसोलेट करने की व्यवस्था रहेगी।
डीएम चंद्रभूषण सिंह की अध्यक्षता में कोरोना महामारी के संबंध में कलक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। उन्होंने कहा सभी मजिस्ट्रेट अधिक उम्र, हाईरिस्क वाले मरीजों के पास सबसे पहले डॉक्टरों व एलटी की टीम मौके पर भेजें। उन्हें तत्काल एल-1 या एल-2 कोविड अस्पताल में आवश्यकतानुसार भर्ती कराएं। इनसे संपर्क कर व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य का हाल जाना जाए। सीएमओ व सीएमएस दीनदयाल अस्पताल व मलखान सिंह को निर्देश दिए कि कोरोना जांच केंद्र पर एक चिकित्सक व फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगाएं। कोरोना टेस्ट के समय एंटीजन से व्यक्ति पाजिटिव आता है तो तत्काल उसे पोर्टल पर फीड कराएं और केंद्र पर तैनात डॉक्टर व फार्मासिस्ट मरीज की जांच करें।
वहीं से मरीज को एल-1 व एल-2 अस्पताल में कराया जाए। सैंपलिंग सेंटर पर एक एंबुलेंस हर वक्त रहनी चाहिए। जिस मरीज होम आइसोलेट होना है उसके बारे में कंट्रोल रूम में बात करके, उसे होम आइसोलेशन में भेजा जाए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। लापरवाही होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।