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अलीगढ़ : सरसों के तेल की जमाखोरी पर शिकंजा

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त्योहारी सीजन में सरसों के तेल के दाम लगातार बढऩे पर प्रशासन ने जमाखोरी पर शिकंजा कस दिया है। अधिकारियों की टीम ने बुधवार को बाजारों में थोक और फुटकर विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर स्टाक और रेट की जानकारी की।
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जिलाधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के निर्देश पर गठित टीम में उप जिलाधिकारी, खाद्य विपणन अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी शामिल हैं। इस टीम ने खाद्य तेलों में मूल्य वृद्धि एवं जमाखोरी को लेकर महावीर गंज मंडी में मैसर्स राजेंद्र प्रसाद प्रदीप कुमार, मैसर्स कृष्णा एक्सपेलर, मैसर्स गौरव ट्रेडर्स एवं मैसर्स दीपक ट्रेडर्स की जांच की।
इन व्यापारियों के यहां स्टॉक का सत्यापन किया गया। जिसमें नियमानुसार स्टाक ठीक पाया गया। सरसों का तेल थोक में 16000 प्रति क्विंटल एवं फुटकर में 165 प्रति किलो। इसी तरह पाम ऑयल 13000 प्रति क्विंटल एवं फुटकर में 135 प्रति किलो की दर पर था।
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सभी व्यापारियों को जमाखोरी न करने एवं मूल्य वृद्धि न करने के लिए निर्देशित किया गया। यह भी निर्देश दिए गए कि वह अपने व्यापार स्थल पर रेट बोर्ड के साथ-साथ स्टॉक भी प्रदर्शित करें। मौके पर उपस्थित उपभोक्ताओं को जागरूक भी किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि तिलहन और खाद्य तेल के भंडारण की सीमा भी तय कर दी गई है। ये दोनों स्टाक की लिमिट 31 मार्च 2022 तक व्यापारियों को नियम के अनुसार ही रखनी होगी। इसके तहत तिलहन में खुदरा विक्रेता 50 क्विंटल, बल्क कंजूयमर 200 क्विंटल, थोक विक्रेता 500 क्विंटल, कमीशन 500 क्विंटल तक माल रख सकेंगे। खाद्य तेल में खुदरा विक्त्रस्ेता 10 क्विंटल, बल्क कन्जूयमर 100 क्विंटल, थोक विक्त्रस्ेता 250 क्विंटल, कमीशन एजेंट 250 क्विंटल तक माल रख सकेंगे।
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