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अलीगढ़: स्वास्थ्य विभाग में कोरोना एंटीजन जांच किट में घोटाले के सुराग, बैठी जांच

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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कोरोना जांच के लिए शासन से जिले को भेजी गईं एंटीजन जांच किट के उपयोग में बड़े घोटाले के सुराग डीएम चंद्रभूषण सिंह के हाथ लगे हैं। इन सुरागों के आधार पर डीएम ने जांच बैठा दी है। शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई हरेक एंटीजन किट का हिसाब स्वास्थ्य विभाग से मांगा गया है। इसके साथ ही एंटीजन जांच में कोरोना पॉजिटिव और निगेटिव पाए मरीजों का भी रिकार्ड रजिस्टर तलब किया गया है।
कोरोना कंट्रोल रूम प्रभारी स्मृति गौतम और सीएमओ डॉ. बीपी कल्याणी को जांच अधिकारी बनाया गया है। दोनों की जांच में अलग-अलग भूमिका रहेगी। जांच के बाद दोनों अपनी-अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। बताया जा रहा है कि एंटीजन जांच किट को स्वास्थ्य विभाग के ही कुछ भ्रष्टाचारियों ने निजी अस्पताल संचालकों को बेचा है। रिकार्ड रजिस्ट्रर में इन किट को रैंडम सैंपलिंग के दौरान उपयोग करने की कहानी दर्शा दी गई है। डीएम ने अभी सभी सुरागों को गोपनीय रखा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भ्रष्टाचारियों के खिलाफ शासन द्वारा कड़ी कार्रवाई कराते हुए इन्हें जेल भेजा जाएगा।
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डीएम को सुराग मिले हैं कि शासन से उपलब्ध कराई एंटीजन किट को स्वास्थ्य विभाग के ही कुछ भ्रष्टाचारियों ने निजी अस्पताल संचालकों को बेचने के साथ ही अपनी व अपने परिवार, रिश्तेदारों की गोपनीय जांच कराने के काम में उपयोग किया जा रहा है। रिकार्ड में इन किट का उपयोग रैंडम सैंपलिंग में दर्शाया जा रहा है। इन सुरागों को देख डीएम ने शनिवार को स्वास्थ्य विभाग को आड़े हाथों लेते हुए सीएमओ डॉ. बीपी कल्याणी को निर्देश दिए है कि वह शासन से अब तक उपलब्ध कराई सभी किट की संख्या, उनका उपयोग कहां-कहां हुआ, एंटीजन जांच में कितने लोग संक्रमित पाए गए, कितने लोग निगेटिव पाए गए, कितनी किट अभी रिजर्व में हैं आदि बिंदुओं पर जांच कर एक रिपोर्ट तैयार करें।
साथ ही यह भी बताएं कि किस एलटी टीम को किस दिन कितनी एंटीजन किट उपलब्ध कराई गईं, उनमें से कितनी उक्त दिन इस्तेमाल हुईं और कितनी वापस जमा कराई गईं। बता दें कि कोरोना काल के शुरुआती दौर में जिले में आरटीपीसीआर जांच के जरिये ही संक्रमितों का पता लगाया गया था। मगर, जून के बाद एंटीजन किट शासन द्वारा उपलब्ध कराना शुरू कर दिया गया था, जिन्हें प्रशासन के निर्देश पर सभी सीएचसी-पीएचसी, जिला अस्पताल में कोरोना संदिग्धों की जांच के साथ ही सरकारी कार्यालयों, बाजार, बस अड्डे व अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कराई जा रही रैंडम सैंपलिंग के लिए उपयोग किया जा रहा है।
एंटीजन जांच में निगेटिव आए लोगों का रजिस्टर तलब
डीएम ने एंटीजन जांच किट में निगेटिव और पॉजिटिव आए लोगों का भी डाटा रजिस्टर स्वास्थ्य विभाग से तलब किया है। इस रजिस्टर का सत्यापन करने का जिम्मा कोरोना कंट्रोल रूम प्रभारी स्मृति गौतम को सौंपा गया है। उनको निर्देश दिए हैं कि निगेटिव आए लोगों से रजिस्टर में दर्ज नाम-पते या मोबाइल नंबर पर संपर्क कर बात की जाए। इससे यह पता लगेगा कि वास्तव में उन लोगों की जांच हुई थी या नहीं। क्योंकि आशंका है कि जिन किट को निजी अस्पताल संचालकों को बेचा गया है या अपनी व परिवार, रिश्तेदारों की गोपनीय जांच के लिए इस्तेमाल किया गया है। उन सभी को उपयोग रिकार्ड में इन लोगों के नाम पर ही दर्शाया गया है।
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एंटीजन किट के उपयोग में घोटाले के सुराग मिले हैं। उनके आधार पर जांच बैठाई गई है, जो भी कर्मचारी, अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाएगा। उसका जेल जाना तय है। भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर सहन नहीं होगा।
- चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
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