अलीगंज के लॉजिस्टिक कारोबारी व सीमेंट सप्लायर संदीप गुप्ता के बहुचर्चित हत्याकांड में सबसे पहले जेल भेजे गए ट्रांसपोर्टर की जमानत मंजूर हो गई है। यह जमानत हाईकोर्ट से मंजूर हुई है। हालांकि, अभी राजीव अग्रवाल की रिहाई संभव नहीं है, क्योंकि अभी गैंगस्टर के मुकदमे में जमानत होना बाकी है।
राजीव अग्रवाल के अधिवक्ता नीरज चौहान ने बताया कि इस हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता संदीप के दोस्त के दामाद अंकुश अग्रवाल के पिता ट्रांसपोर्टर राजीव अग्रवाल की पैरोकारी उनके द्वारा की जा रही है। इस मामले में साजिश के आरोप में सबसे पहले राजीव अग्रवाल को जेल भेजा गया था।
उनकी जमानत मंजूर हो गई है। अब गैंगस्टर में जमानत शेष है। उसमें भी अदालत में आवेदन किया जा रहा है। इधर, इस मामले में दो अन्य आरोपी उत्कर्ष व मनीष की ओर से भी हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दायर की गई है।
बता दें कि 27 दिसंबर 2021 को हुए इस हत्याकांड में आरोपी शूटर के रूप में टप्पल के बाजौता के प्रवीण बाजौता, हाथरस सादाबार के चहतर के जितेंद्र उर्फ कंजा, प्रवीण के चचेरे भाई बाजौता गांव के प्रदीप के अलावा साजिशकर्ता साईं विहार सारसौल के अंकुश अग्रवाल, उसके ट्रांसपोर्टर पिता राजीव अग्रवाल, रामघाट रोड बिजलीघर निवासी गैराज संचालक दुष्यंत चौधरी, बसंत विहार महुआखेड़ा के साहिल यादव उसके भाई अनुराग उर्फ पार्थ, भदेसी रोड शक्ति नगर के मनीष शर्मा, रामसनेही विहार रामघाट रोड के उत्कर्ष चौधरी व तीन नाबालिगों को जेल भेजा था। सभी की सत्र न्यायालय से जमानत खारिज हो चुकी है।