शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और कार्यक्रमों की रैंकिंग में सड़कें शामिल नहीं है, इसलिए उनकी स्थिति पर रैंक जारी नहीं होती है। हाल ही में प्रदेश में जारी हुई रैंकिंग में जिले को छठवां स्थान प्राप्त हुआ था। यह स्थान शासन की प्राथमिकता वाली 49 योजनाओं और कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए मिला था, लेकिन इसमें कहीं भी सड़कों को लेकर कोई आकलन शामिल नहीं था।
जिला अर्थ एवं संख्या विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग की ओर से जारी होने वाली प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में सड़कों को शामिल नहीं किया जाता है। इसलिए उनकी स्थिति इसमें शामिल नहीं है। गौर हो कि जिले की दर्जनों सड़कों के साथ शहर की कई प्रमुख सड़कें चलने लायक तक नहीं है।
कलेक्ट्रेट जाने वाली ठंडी सड़क, लाल डिग्गी रोड, तस्वीर महल से डॉयल 100 रोड, रामघाट रोड, एटा चुंगी रोड सहित कई सड़कों में गहरे गड्ढे हादसों का कारण बने हुए हैं। इन सड़कों को बनाना तो दूर मरम्मत तक नहीं की जा रही है। जिससे लाखों वाहन सवारों को रोजाना परेशानी हो रही है। सड़क बनाने वाले विभागों में एनएचआई, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, मंडी परिषद, जिला पंचायत, एडीए, आवास विकास, प्रधानमंत्री सड़क योजना विभाग, आरईएस सहित अन्य कई विभाग शामिल है।