जहरीली शराब कांड के मुकदमों में फंसे शराब माफिया की ओर से अब न्यायालय में कानूनी दांव पेच चले जा रहे हैं। इसी क्रम में गभाना व खैर के मौत से जुड़े दो मुकदमों में अनिल चौधरी की ओर से दायर की गई डिस्चार्ज याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी है। एडीजे-9 सुनील सिंह के न्यायालय से अब आरोप तय करने के लिए 22 अक्तूबर तारीख नियत की है।
एडीजीसी जेपी राजपूत के अनुसार गभाना में मौतों से जुड़े मुकदमे में आरोपी विपिन यादव, गंगाराम, दिगपाल, नरेंद्र, अनिल चौधरी, शिवकुमार, रिषी शर्मा, मुनीष शर्मा व कपिल हैं। इसी तरह खैर में मौतों से जुड़े मुकदमे में राजकुमार, कपिल देव, अनिल चौधरी, विपिन यादव व सुधीर चौधरी आरोपी हैं। इन दोनों में अनिल चौधरी के अधिवक्ता की ओर से मुकदमों में अपमिश्रण की धारा को गलत करार देते हुए आरोप न तय करने संबंधी अर्जी दायर की थी। जिस पर अभियोजन अधिवक्ता की जिरह व दलीलों को आधार मानकर न्यायालय ने उनकी अर्जी खारिज कर दी है और दोनों मुकदमों में आरोप तय करने के लिए 22 अक्तूबर तारीख नियत की है।
शराब कांड सहित कई मामलों में जमानत खारिज
एडीजे प्रथम शाहिद रजा के न्यायालय से शराब कांड सहित कई आरोपों में जमानत अर्जी खारिज की गई है। एडीजीसी अमर सिंह तोमर के अनुसार लोधा के शराब कांड से जुड़े मुकदमे में लक्ष्मणगढ़ी के उदयराज, जिरौली डोर के वीरेंद्र उर्फ मोनू व गंगाराम की जमानत खारिज की गई है। इसके अलावा दहेज हत्या में जगंलगढ़ी देहली गेट के रिजवान की व लूट के प्रयास में इमरान की जमानत खारिज की गई है।