अकराबाद क्षेत्र में अनुसूचित जाति की किशोरी की दुष्कर्म की कोशिश में हत्या के आरोपी के खिलाफ मुकदमे का ट्रायल विशेष बाल न्यायालय में चलेगा। उम्र निर्धारण के साथ-साथ उसकी मानसिक दशा भी परख ली गई है और उसे समझ रखने वाले 16 से 18 वर्ष आयु के अपराधी श्रेणी में रखा गया है। इस बात की पुष्टि मुकदमे की विवेचक सीओ बरला ने की है।
अकराबाद क्षेत्र में किशोरी की उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह खेत पर चारा लेने गई थी। किशोरी मूलरूप से सासनी गेट के जयगंज की रहने वाली थी। वह अपनी ननिहाल में रहती थी। इस मामले में पुलिस ने पड़ोसी गांव के एक आरोपी को पकड़कर बाल सुधार गृह भेजा था। जिसने दुष्कर्म की कोशिश में हत्या करना स्वीकारा था। मामले में आरोपी के परिवार ने उम्र निर्धारण की अर्जी देकर किशोर न्याय बोर्ड में यह दलील दी थी कि वह नाबालिग है। इस पर उसकी उम्र का निर्धारण कराया तो उसे मेडिकल बोर्ड ने 17 वर्ष 2 माह का करार दिया। इसके बाद किशोर न्याय बोर्ड ने उसकी मानसिक दशा जांचने का आदेश बोर्ड को दिया। इस मामले में विवेचक सीओ बरला सुमन कनौजिया बताती हैं कि आरोपी की मानसिक जांच में उसे 16 से 18 वर्ष आयु की समझ रखने वाला पाया गया है। इसके आधार पर किशोर न्याय बोर्ड ने मुकदमे का ट्रायल विशेष बाल न्यायालय में चलाने का फैसला दिया है। अब यह पत्रावली एक-दो दिन में विशेष बाल न्यायालय में आ जाएगी। वहीं मुकदमे का ट्रायल चलेगा।
नारको अनुमति पर सुनवाई 20 को
अकराबाद में अनुसूचित जाति की युवती की हत्या के मामले में पांच संदिग्धों का नारको कराने संबंधी पुलिस की अनुमति अर्जी पर सुनवाई की तारीख 20 अक्तूबर नियत की गई है। विवेचक सीओ बरला के अनुसार मामले में संदिग्धों के अधिवक्ता की ओर से आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा गया है। इस पर न्यायालय ने 20 तारीख नियत कर दी है।