जहरीली शराब कांड में फंसे शराब माफिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल शराब माफिया ऋषि शर्मा सहित नौ पर आरोप है कि उन्होंने बिना सत्यापित चरित्र प्रमाण पत्रों (कूटरचित/फर्जी) की छाया प्रति लगाकर ही शराब ठेके ले लिए। पुलिस जांच में इसे फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के सहारे अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से आपराधिक षडयंत्र माना गया है और मामले में इन नौ माफिया/ठेकेदारों पर सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
यह मुकदमा सिविल लाइंस थाने के अपर प्रभारी निरीक्षक वीपी गिरी की ओर से दर्ज कराया गया है, जिसमें लोधा के करसुआ स्थित ठेके के लाइसेंसी दिगपाल सिंह, सासनीगेट के मथुरा बाईपास कृष्णाधाम निवासी लोधा ठेके के दूसरे लाइसेंसी गंगा सहाय के अलावा अन्य लाइसेंसी जवां के पंडित वाली गली निवासी ममता शर्मा पत्नी मुनीष कुमार शर्मा, सिकंदरपुर जवां निवासी ऋषि कुमार शर्मा, दिल्ली के दक्षिण पश्चिम महीपालपुर निवासी सतपाल सिंह, अतरौली के चौमुंहा निवासी बनवारी लाल, खैर के गांधी मार्केट निवासी शरद प्रताप सिंह, विजयप्रताप सिंह, हरदुआगंज के सीयपुर मोरथल निवासी जयप्रकाश सिंह आरोपी हैं।
इन पर आरोप है कि इन्होंने जनवरी 2021 तक के शराब ठेकों के आवेदन में जो चरित्र प्रमाण पत्र लगाए किए, वे छाया प्रति थे और सत्यापित नहीं थे। इससे फर्जी व कूट रचित दस्तावेजों का प्रयोग अनुचित लाभ के उद्देश्य से किया जाना साफ होता है। इसी तरह हैसियत प्रमाण पत्र आदि प्रमाण पत्रों का भी प्रयोग किया गया है।
आबकारी से मिले 40 ठेकेदारों के दस्तावेज
एसएसपी कलानिधि नैथानी बताते हैं कि इस मामले में आरोपी बने 40 ठेकेदारों के दस्तावेज आबकारी विभाग ने पुलिस को दिए हैं। जिनकी जांच कराई जा रही है। अब तक की जांच में 9 ठेकेदार ऐसे पाए गए, जिनके दस्तावेज सत्यापित नहीं पाए गए हैं। अभी शेष की जांच जारी है। अन्य नाम सामने आने पर उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।
खड़ा हुआ था सवाल, कैसे मिले ठेके
इस कांड के बाद आबकारी पर यह सवाल खड़ा हुआ था कि इस कांड में जो नाम प्रकाश में आ रहे हैं, उनमें से कई ऐसे हैं, जिन पर पूर्व में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और वे काली सूची तक में पड़ चुके हैं। ऐसे में इन्हें ठेके कैसे मिल गए। इसके चलते आबकारी के अधिकारी निलंबित भी हुए थे। अब नए अधिकारियों ने यह जांच किया जाना जरूरी समझा और पुलिस को इनकी सूची व दस्तावेज सौंपे। तब जांच में यह साफ हुआ है।
शराब कांड में ये और जमानत अर्जियां खारिज
जिला जज विवेक संगल के न्यायालय से जहरीली शराब कांड के कुछ और आरोपियों की जमानत खारिज की गई हैं। डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार टप्पल से जुड़े शराब से मौत के मुकदमे में दिलीप दुबे निवासी संगम विहार क्वार्सी, करसुआ से जुड़े मौत के मुकदमे में अर्जुन सिंह निवासी करसुआ लोधा, महुआ खेड़ा से जुड़े अवैध शराब फैक्टरी के मुकदमे में अरुण निवासी सराय पीतांबर बन्नादेवी, चौमुआ अतरौली निवासी बनवारी, दभी अकराबाद निवासी रविंद्र यादव की जमानत अर्जियां खारिज की गई हैं।