फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ : अब स्कूल परमिट से ही चलेंगी विद्यालयों की बस

विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को पहुंचाने और घर छोड़ने वाले वाहन अब स्कूल परमिट पर ही चलेंगे। उप्र मोटरयान नियमावली 1998 में हुए संशोधन के बाद अब ऑल यूपी परमिट के साथ अनुबंध पर चलने वाली बसों को अपनी बसें चलाने के लिए स्कूल परमिट लेना होगा।
विज्ञापन

अगर बिना परमिट स्कूल बस चलते मिली तो दस हजार रुपये का जुर्माना अदा करना होगा। अलीगढ़ मंडल (अलीगढ़, हाथरस, एटा व कासगंज) में एक अगस्त 2016 से लेकर एक अगस्त 2021 तक कुल 1046 स्कूल परमिट जारी किए गए हैं।
वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली 1998 में 26वां संशोधन कर स्कूल बसों को लेकर अलग से परमिट व्यवस्था लागू की गई है। नियमावली के तहत किसी मोटरयान का स्वामी अथवा ऑपरेटर सार्वजनिक स्थान पर विद्यार्थियों को ले जाने के लिए परिवहन यान के रूप में किसी यान का तब तक प्रयोग नहीं कर सकता है, जब तक बस या ठेका गाड़ी का स्कूल बस परमिट जारी नहीं होगा।
विज्ञापन

2019 में नियमावली में संशोधन हो गया, लेकिन दो साल से ठीक तरह से स्कूल संचालित नहीं हुए। अब एक सितंबर से सभी स्कूलों में कक्षाएं प्रारंभ होंगी तो बसें भी चलेंगी। ऐसे में संचालकों को बसों का स्कूल परमिट लेना होगा। यह परमिट आरटीए (रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) द्वारा जारी किया जाएगा। अगर बिना स्कूल परमिट के विद्यालय वाहन चलते मिले तो दस हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा।
- मोटर नियमावली में हुए संशोधन के बाद अब अनुबंध पर चल रहीं स्कूल बसों को स्कूल परमिट लेना होगा। स्कूल परमिट के बिना बस संचालित नहीं होने दी जाएगी। अगर निजी ऑपरेटरों की बस विद्यालयों में संचालित मिलती हैं तो जुर्माना लगाया जाएगा। बार-बार जुर्माना लगने वाली बसों का परमिट निरस्त करने की कार्यवाही अमल में लाई जा सकती है। - केडी सिंह गौर, आरटीओ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें