गांवों में सरकारी हैंडपंप खराब होने पर ग्रामीणों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव से शिकायत के 24 घंटे में खराब हैंडपंप सही कराया जाएगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो पंचायत सचिव इसके लिए जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। शासन ने भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्र में पानी की समस्या पर निर्देश जारी किए हैं।
डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि शासन ने अब पंचायत सचिवों की जिम्मेदारी तय कर दी है। वह गांवों में खराब हैंडपंपों को सही कराएंगे। इसके लिए जिले के सभी पंचायत सचिवों को निर्देशित कर दिया गया है कि वे अपनी सभी ग्राम पंचायतों में हैंडपंपों का भौतिक सत्यापन कर लें, जितने भी हैंडपंप खराब हैं, उन्हें सही कराने के साथ ही री-बोर होने वाले हैंडपंपों की अलग से सूची तैयार कर जल निगम को प्रस्ताव भिजवा दें। उन्होंने चेतावनी दी है कि शासन के निर्देशों का पालन न करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। संवाद