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अलीगढ़ : बिजली चोरी के 14 हजार आरोपियों को कोर्ट के चक्कर लगाने से नहीं डर

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गर्मी में बिजली की ओवरलोडिंग पावर कार्पोरेशन के सामने बड़ी चुनौती होती है। ओवरलोडिंग की रोकथाम के लिए बिजली चोरी के खिलाफ अभियान भी चलता है। कार्रवाई भी होती है। आलम ये है कि पिछले तीन साल में 14 हजार 221 बिजली चोरी के आरोपी ऐसे हैं, जिन पर मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। विभाग उन्हें समन (जुर्माना) तथा राजस्व जमा कर दर्ज मुकदमे खत्म करने का मौका दे रहा है। यदि वह जुर्माना जमा कर मुकदमा खत्म करा लेते हैं तो उन्हें कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने होंगे। लेकिन लोग जुर्माना जमा करने के लिए तैयार नहीं हैं। जुर्माना जमा हो जाता है तो सरकार को पांच करोड़ से अधिक का राजस्व मिलेगा और मुकदमों का बोझ भी कम होगा।
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विद्युत विभाग के रिकार्ड के अनुसार, जिले में 5.50 लाख घरेलू विद्युत कनेक्शन हैं। इन पर 11.50 लाख किलोवाट औसत लोड है। शहरी क्षेत्र में 18 लाख व देहात क्षेत्र में 20 लाख यूनिट बिजली प्रतिमाह खर्च होती है। इसके अलावा, 6.84 लाख यूनिट प्रति माह बिजली चोरी का औसत है। चोरी े रोकने के लिए टीमें लगातार अभियान चला रहीं हैं। मगर ये औसत कम नहीं हो रहा। सितंबर 2019 में स्थापित हुए विद्युत थाने के रिकार्ड के अनुसार, अब तक कुल 17 हजार 613 मुकदमे विद्युत चोरी के दर्ज हुए हैं, जिनमें से 14 हजार 221 मुकदमे के आरोपी ऐसे हैं जो राजस्व व समन जमा करने को तैयार नहीं हो रहे। नियम के अनुसार, अगर मुकदमे में आरोपी समन/राजस्व जमा करता है तो उसका मुकदमा खत्म करने का अधिकार अधिशासी अभियंता को होता है। उसकी रिपोर्ट पर विद्युत थाने में मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी जाती है। अगर ऐसा न हो तो पुलिस चार्जशीट दाखिल करती है। फिर आरोपी को अदालत के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
शुक्रवार को जिले में दर्ज हुए 59 मुकदमे
जिले में औसतन प्रतिदिन सौ से अधिक बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। ओवरलोडिंग रोकने की मंशा से टीमें अभियान चला रही हैं। शुक्रवार को जिले भर में 59 स्थानों पर बिजली चोरी पकड़ी गई है और उन पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। 908 कनेक्शन काटे गए। दो करोड़ की वसूली की गई है।
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ये है समन का नियम
- 4000 रुपये प्रति केवी घरेलू कनेक्शन पर समन का नियम।
- 10,000 रुपये प्रति केवी व्यावसायिक कनेक्शन पर समन।
- 20,000 रुपये प्रति केवी औद्योगिक कनेक्शन पर समन।
- 2000 रुपये प्रति एचपी कृषि कनेक्शन पर समन।
ये है नियम
- विद्युत चोरी के मुकदमे में तीन साल तक राजस्व/समन वसूलकर निस्तारण का प्रयास होता है।
- आरोपी अगर राजस्व जमा करता है तो एक्सईएन की रिपोर्ट पर मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लग जाती है।
- तीन साल के प्रयास में सफलता न मिलने पर मुकदमे में चार्जशीट कोर्ट में भेजी जाती है।
- चोरी पकड़े जाने के दिन से पिछले एक साल के राजस्व का दोगुना वसूली की जाती है।
- समन का निर्धारण विद्युत कनेक्शन की क्षमता के अनुसार मौके पर ही किया जाता है।
- अब विद्युत थाने और संबंधित खंड कार्यालय में जमा कराया जा सकता है जुर्माना भी।
- बिजली थाने में तीन विवेचकों की मदद से 100 से अधिक मुकदमों पर काम किया जा रहा है। लोगों को समझाकर राजस्व जमा करने के लिए प्रेरित किया जाता है। अभी वर्ष 2020 के मुकदमों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चल रहा है। लोग अगर राजस्व जमा कर दें तो मुकदमा समाप्त होगा अन्यथा चार्जशीट दायर की जाएगी।
- नीरज शर्मा, प्रभारी बिजली थाना
- विद्युत विभाग की टीमें लगातार चेकिंग अभियान चला रही हैं। इसी क्रम में रोजाना बिजली चोरी पकड़कर मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। लोगों से अपील है कि बिजली चोरी न करें, ताकि मुकदमे से बच सकते हैं।
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- एसके जैन, अधीक्षण अभियंता, नगर क्षेत्र
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