देहलीगेट से खैर अड्डे के लिए जाने वाली सड़क के किनारे चुर्री पापड़ सजी दुकानें।
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होली से पहले शहर के बाजारों व सड़क किनारे चुर्री, पापड़ की दुकानें सज गई हैं। दुकानदार मैदा, चावल का आटा, सूजी, बेसन, आलू, पापड़ और चावल की जलेबी की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं, होली के बाद रमजान के लिए भी लोग विभिन्न वैरायटी के पापड़ खरीद रहे हैं।
शहर के रामघाट रोड, जीटी रोड, मथुरा रोड, आगरा रोड, बाईपास आदि जगहों पर लोगों ने चुर्री, पापड़ की दुकान लगाई है। मैदे की चुर्री 60 रुपये प्रति किलो, चावल की 80, सूजी की 120, सूजी बेसन की 160, चावल की जलेबी 160 और आलू के पापड़ 160 रुपये प्रति किलो बेच रहे हैं। खास बात यह है कि चुर्री, पापड़ का अधिकांश आइटम बाजार से खरीदकर ही लोग ग्राहकों को बेचते हैं। जबकि आलू पापड़ को घर से बनाकर बेचा जाता है। दुकानदारों का कहना है कि यह आलू पापड़ लोग बहुत पसंद करते हैं। अभी होली और इसके बाद रमजान में आलू पापड़ की काफी सप्लाई होती है।
- चुर्री, पापड़ की औसतन बिक्री होती है। जबकि घर से बने आलू पापड़ की सबसे ज्यादा बिक्री होती है। - विजय कुमार, खैर अड्डा।
- मसाला आलू पापड़ को लोग पसंद करते हैं। चाय नाश्ते के लिए विभिन्न मोहल्ले के लोग चुर्री पापड़ खरीदकर ले गए हैं। - राहुल सक्सेना, देहलीगेट।