मडराक क्षेत्र में ढाई साल की मासूम संग दुष्कर्म की घटना के आरोपी को न्यायालय से दस साल की सजा व जुर्माने से दंडित किया है। यह फैसला मिशन शक्ति अभियान के तहत एडीजे विशेष न्यायाधीश पॉक्सो नंद प्रताप ओझा की अदालत से सुनाया गया है।
विशेष लोक अभियोजक महेश चंद्र के अनुसार घटना 24 अप्रैल 2017 की है। मुकदमे के अनुसार देहली गेट खैर रोड इंदिरा नगर का नानक चंद्र चावल, दाल की फेरी लगाते हुए मडराक क्षेत्र के एक गांव में पहुंचा। जहां उसने पीड़ित पक्ष के दरवाजे पर खड़े होकर पीने के लिए पानी मांगा। इस पर महिला उसे पानी देकर अंदर मोबाइल चार्जिंग पर लगाने चली गई। इस दौरान घर के आंगन में उसकी ढाई साल की मासूम बेटी खेल रही थी। कुछ देर बाद उसे बच्ची के चीखने की आवाज आई। इस पर महिला ने बाहर आकर देखा तो आरोपी नानक चंद्र उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। इस पर आरोपी को शोर मचाकर परिवार की मदद से दबोच लिया गया और पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया। मेडिकल में बच्ची के चोटों का उल्लेख आया। न्यायालय ने इसी आधार पर साक्ष्यों व गवाही के बल पर आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा व 23 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में निर्देश दिए हैं कि बच्ची के बालिग होने पर उसे 10 हजार रुपये हर्जाने के रूप में दिए जाएं।