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जो समाज संघर्ष करना भूल जाता है, उसका अस्तित्व हो जाता है समाप्त : पुष्पेंद्र

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डीएस कॉलेज में कार्यक्रम को संबोधित करते पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ । संवाद - फोटो : CITY OFFICE
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राष्ट्रवादी चिंतक एवं वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि जो समाज संघर्ष करना भूल जाता है, उसका अस्तित्व समाप्त हो जाता है। केवल कायर समाज अपनी आस्था और संस्कृति को बचाने के लिए सरकारों की ओर देखता है। वे शनिवार को सामाजिक संगठन ‘आहुति’ द्वारा डीएस कॉलेज के रमेशचंद्र भगत सभागार में आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि समाज के असली मुद्दे पेट्रोल और प्याज नहीं हैं। इनकी कीमतें घटती बढ़ती रहेंगी। आपने सरकार को जिस काम के लिए भेजा है, उसके लिए दबाव बनाइए। लोगों को समझना होगा कि आपने सरकार को प्याज और पेट्रोल की कीमतों को कम करने के लिए नहीं भेजा है। 700 वर्ष बाद 2014 में देश के बहुसंख्यकों ने जाति से ऊपर उठकर अपने सनातनी होने का परिचय दिया। भारत में तीस हजार मंदिर आक्रांताओं ने तोड़े हैं। हमें उनकी पहचान सार्वजनिक करनी है, ताकि समाज जागृत हो सके। समाज के सामने उन मुद्दों को लाइए, जिससेे समाज खतरे में है।
उन्होंने कहा कि जिन्होंने इस्लाम के बारे में नहीं पढ़ा, वे तालिबान को देख कर चौंक रहे हैं। आज देश के नौ राज्यों में बहुसंख्यक ही अल्पसंख्यक हो गए हैं और हम वहां सिर्फ अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत हमारी मां है और अपनी मां के लिए हमें कुछ भी बलिदान करने को तत्पर रहना चाहिए। हमें देश और राष्ट्र के अंतर को समझना होगा। देश का संचालन वहां की सरकारें करती हैं। संविधान और कानून करता है किंतु राष्ट्र का संचालन वहां का समाज एवं उनकी संस्कृति करती है। देश के वामपंथी इतिहासकारों ने हमेशा युवाओं को भटकाने का कार्य किया है। गलत इतिहास राष्ट्र और कौमों में कुंठा पैदा करता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता आरके जिंदल एवं संचालन अशोक चौधरी ने किया। ज्ञानेंद्र मिश्रा एवं रवि राठी ने अभिनंदन किया। विधायक संजीव राजा, अनिल पाराशर, देवेंद्र सक्सेना, रवींद्र वार्ष्णेय, डॉ. विशन बहादुर, कार्यक्रम संयोजक गौरव शर्मा आदि मौजूद थे।
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लाउडस्पीकर पर वंदे मातरम् का गायन कराना चाहते हैं शुरू
पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि वे अपने जिले अलीगढ़ से एक नया काम प्रारंभ करना चाहते हैं। घरों में सुबह- शाम वंदे मातरम् गायन लाउडस्पीकर से होने का कार्य प्रारंभ कराना चाहते हैं। उन्होंने देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की वकालत की। 2013 में भारत की संसद में पारित किए गए वक्फ प्रापर्टी कानून के सेक्शन 40 पर सबको आगाह किया।
कल्याण सिंह को किया श्रद्धासुमन अर्पित
पुष्पेद्र कुलश्रेष्ठ ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का स्मरण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कहा कि राष्ट्र के लिए सत्ता की कुर्सी को त्यागना अनुकरणीय है, जो कल्याण सिंह ने किया।
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