प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों को ही ‘दवा’ की दरकार है। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय में महीनों से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र बंद है। मलखान सिंह जिला अस्पताल में भी खानापूर्ति हो रही है।
प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली जैनरिक दवाओं को कम मूल्य पर उपलब्ध कराना था। ये दवाएं बीमारी में प्रभावी होती है, लेकिन कीमत ब्रांडेड कंपनी से काफी कम होती है। इसी उद्देश्य से शहर के प्रमुख चिकित्सालय पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय, मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय एवं मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में जन औषधि केंद्र खोले गए। मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में भी कई महीनों से केंद्र बंद है और मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में केंद्र संचालित तो हो रहा है, लेकिन जैनरिक दवाओं की भारी कमी है। गत दिनों एडी हेल्थ डॉ. एसके उपाध्याय निरीक्षण करने पहुंचे तो वैसी दवाइयां सीज की गई, जिसे केंद्र पर बेचने की अनुमति नहीं है।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की सेहत सुधारने के लिए एडी हेल्थ ने सभी संचालकों के साथ ही तीनों अस्पतालों के सीएमएस एवं एसीएमओ को तलब किया था। सीएमएस एवं सीएमओ ऑफिस के अधिकारी तो आ गए, लेकिन प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के संचालक नहीं पहुंचे। कुछ अधिकारियों का कहना है कि केंद्र के संचालक रुचि नहीं ले रहे हैं। वहीं एक महत्वपूर्ण सुझाव यह भी आया कि औषधि केंद्रों पर ऊपर से जैनरिक दवाओं की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। लाभ न होने या बहुत कम होने के कारण संचालक केंद्र चलाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। अपर आयुक्त ड्रग ने एडी हेल्थ को अवगत कराया कि संचालकों को नोटिस देकर केंद्र को पुन: संचालित कराया जाएगा। एडी हेल्थ डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि जल्द ही जनपद में संचालित सभी जन औषधि केंद्र के संचालकों की बैठक बुलाकर समस्याओं पर विचार किया जाएगा ताकि केंद्र शुरू हो सके और उसका लाभ आम आदमी को मिले।