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मरीज की छुट्टी को लेकर नर्सिंग होम में चले लात घूंसे, हंगामा

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मारपीट करती महिलाएं। - फोटो : CITY OFFICE
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क्वार्सी थाना क्षेत्र एटा बाईपास स्थित एक नर्सिंग होम में बृहस्पतिवार को एक महिला मरीज की छुट्टी को लेकर अस्पताल स्टाफ व तीमारदार आपस में भिड़ गए। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई और लात-घूसे चले। इस सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीमारदार दो युवकों को हिरासत में ले लिया। चूंकि इनमें से एक युवक एबीवीपी से जुड़ा है, इसलिए खबर पर तमाम कार्यकर्ता थाने पहुंच गए और वहां हंगामा किया। बाद में उनके छोड़े जाने पर ही मामला शांत हुआ। फिलहाल इस मामले में दोनों ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं पुलिस ने भी थाने में भीड़ जमा करने का मुकदमा दर्ज किया है।
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बताया गया है कि हेमंत नगर निवासी सत्यवती पत्नी मोहन शर्मा को 20 जुलाई को रसौली के ऑपरेशन के लिए परी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। 23 जुलाई को मरीज को अस्पताल से छुट्टी होनी थी। छुट्टी को लेकर रुपयों को लेकर तीमारदार व अस्पताल स्टाफ में विवाद हो गया। जमकर मारपीट होने लगी। तीमारदारों में शामिल एबीवीपी के पूर्व जिला संयोजक शुभम शर्मा का आरोप है कि अस्पताल में उनकी मौसी की तबियत लगातार बिगड़ती जा रही थी, उनको छुट्टी देने की बात कही तो स्टाफ आक्रोशित हो उठा। संचालक ने बाहरी लोगों को बुलाकर उनके साथ मारपीट और लूटपाट की, जबकि अस्पताल संचालक डॉ. देवेंद्र कुमार का आरोप है कि मरीज के तीमारदार बिल नहीं चुका रहे थे। उन्होंने महिला स्टाफ के साथ बदसलूकी की। विरोध किया तो वीडियो बनाने लगे। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है।
मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना की सूचना पर अस्पताल में तीमारदारों की ओर से बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और नारेबाजी कर हंगामा करने लगे। पुलिस उनमें से शुभम सहित दो को पकड़ कर थाने ले आई। इस सूचना पर थाने में भी भीड़ बढ़ गई और हंगामा होता रहा। कार्यकर्ताओं की बढ़ती संख्या देख पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया। डॉक्टर व तीमारदार पक्ष से मुकदमे के अलावा पुलिस ने थाने में भीड़ एकत्रित करने, हंगामा नारेबाजी करने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने का मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें एबीवीपी के प्रदेश मंत्री शीटू चौधरी, राहुल, चेतन चौहान, ठाकुर तनिष्क, नानक, अंकुर, लवकुश व 15-20 अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं।
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- परी हॉस्पिटल में हंगामे के बाद डॉक्टर व तीमारदार पक्षों की ओर से प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एक मुकदमा पुलिस की ओर से भी दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। अभी गिरफ्तारी किसी की नहीं की गई है।
अनिल समानिया, सीओ तृतीय
इस मामले में एबीवीपी ने सीएमओ को ज्ञापन देकर डॉक्टर की गिरफ्तारी व नर्सिंग होम पर कार्रवाई आदि की मांग उठाई है। जिला संयोजक प्रमित भारद्वाज के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी अलीगढ़ को ज्ञापन देते हुए अस्पताल के लाइसेंस की जांच की मांग की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अलीगढ़ ने उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया।
जिला संयोजक प्रमित भारद्वाज ने कहा कि अगर 24 घंटे के अंदर परी हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो विद्यार्थी परिषद अलीगढ़ जिले के अंदर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदेश मंत्री बलदेव चौधरी सीटू ने कहा कि बाहरी गुंडे बुलाने वाले डॉक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाय। कार्यकर्ताओं से अभद्र बर्ताव करने वाले दारोगा पर भी कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में कोल विधायक अनिल पाराशर ने भी सीएमओ से बात की है।
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